जागरण संवाददाता, जमशेदपुर : शहर के अंग्रेजी स्कूलों की मनमानी इस कदर बढ़ गई है कि वह राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी तक की अनुशंसा को ठुकरा दे रहे हैं। ताजा मामला टेल्को के लिटिल फ्लावर स्कूल का है।

टेल्को निवासी एक व्यक्ति ने लिटिल फ्लावर स्कूल में पहली कक्षा में अपने बेटे के नामांकन की कोशिश की। काफी कोशिशों के बाद भी इसमें जब वह सफल नहीं हुआ तो शिक्षा विभाग के आला अधिकारियों से लेकर राष्ट्रपति तक को पत्र लिखकर मदद की गुहार लगाई। राष्ट्रपति कार्यालय ने मामले को संज्ञान में ले लिया। राष्ट्रपति के अतिरिक्त आप्त सचिव ने जिला शिक्षा विभाग को स्कूल प्रबंधन से सहानुभूति के आधार पर नामांकन को मंजूरी देने की अनुशंसा कर दी। राष्ट्रपति कार्यालय से आदेश आने के बाद जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय भी सक्रिय हुआ और स्कूल स्कूल प्रबंधन को सहानुभूति के आधार पर नामांकन लेने के लिए कहा है।

बताया जा रहा है कि स्कूल प्रबंधन ने राष्ट्रपति कार्यालय की अनुशंसा को भी ठुकरा दिया है और सीट नहीं होने की बात कहते हुए पहली कक्षा में नामांकन में असमर्थता जता दी है। जिला शिक्षा पदाधिकारी राजकुमार प्रसाद सिंह ने बताया कि राष्ट्रपति कार्यालय से अनुशंसा आई है। इस आधार पर स्कूल प्रबंधन को बच्चे का एडमिशन लेने के लिए कहा गया है मगर अभी तक प्रबंधन की ओर से सकारात्मक जवाब नहीं मिला है। बच्चे के पिता भी एलएफएस में स्टूडेंट रहे हैं। वह बार-बार डीइओ कार्यालय का चक्कर लगा रहे हैं। प्रबंधन जब राष्ट्रपति कार्यालय की अनुशंसा भी नहीं सुन रहा तो इससे आप अंदाजा लगा सकते हैं कि शहर में अंग्रेजी स्कूल किस कदर मनमानी कर रहे हैं।

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Posted By: Jagran

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