जमशेदपुर (जागरण संवाददाता)। महात्मा गांधी मेमोरियल (एमजीएम) मेडिकल कॉलेज के फार्माकोलॉजी विभाग शुक्रवार को रणक्षेत्र में बदल गया। हो-हंगामा के साथ-साथ टेक्नीशियन, लैब अटेंडर व स्वीपर के साथ अपशब्दों का प्रयोग कर मारपीट की गई।

थोड़ी ही देर में पूरी घटना का वीडियो वायरल हो गया। इसके बाद एमजीएम के कर्मचारियों के साथ-साथ पूर्वी सिंहभूम जिले के स्वास्थ्य कर्मचारियों ने विरोध दर्ज कराया है। झारखंड राज्य चिकित्सा एवं जन-स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के बैनर तले कॉलेज में हड़ताल की घोषणा करते हुए आरोपित प्रोफेसर के खिलाफ कार्रवाई की मांग तेज कर दी गई है। जिला मंत्री रवींद्रनाथ ठाकुर ने कहा कि किसी भी व्यक्ति को मारपीट करने व गाली-गलौज करने का अधिकार नहीं है। हमारेे सदस्य ने गलती नहीं की, इसके बावजूद वह बार-बार माफी मांग रहा है। इसके बावजूद उसके साथ दुर्व्‍यवहार करना अपराध है।

उन्होंने कहा कि अभी से ही एमजीएम के सभी कर्मचारी हड़ताल पर चले गए हैं। शनिवार से कार्य बहिष्कार करेंगे। 48 घंटे के अंदर आरोपित डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो पूरे जिला में विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। कर्मचारियों ने पत्र के माध्यम से प्रिंसिपल को हड़ताल की जानकारी दे दी  है। इस दौरान रवींद्रनाथ ठाकुर, जॉनी मुखी, दीपक कुमार सहित दर्जनों कर्मचारी उपस्थित थे।

क्या है मामला

सुबह करीब 10.30 बजे फार्माकोलॉजी विभाग में टेक्नीशियन सुरेश प्रसाद, लैब अटेंडर विश्वनाथ मल्लिक, विगुवा उरांव, अनिंद्रा खालको व स्वीपर निलिमा हांसदा अपने-अपने काम में जुटे थे। उसके कुछ ही देर के बाद विभागाध्यक्ष डॉ. उपेंद्र कुमार आए और हाजिरी रजिस्ट्रर चेक करने लगे। इस दौरान देखा कि उनका एक दिन का सीएल रजिस्ट्रर पर अंकित कर दिया गया है। इसी पर वे भड़क गए और सभी कर्मचारियों के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए मारपीट करने लगे। सुरेश प्रसाद ने डॉ. उपेंद्र कुमार पर आरोप लगाया कि वह पत्र में एक दिन की ही छुट्टी ली थी। वे रजिस्ट्रर पर 16 दिन का हाजिरी बनाना चाहते थे। इससे पूर्व भी वह इस तरह की हरकत कर चुके है। एमजीएम कॉलेज में बायोमैट्रिक्स मशीन खराब होने की वजह से डॉक्टर-प्रोफेसरों का मनमानी रवैया जारी है।

संघ ने प्रिंसिपल को सौंपा वीडियो फुटेज, होगी कार्रवाई

घटना की वीडियो झारखंड राज्य चिकित्सा एवं जन-स्वास्थ्य कर्मचारी संघ ने एमजीएम प्रिंसिपल डॉ. एसी अखौरी को सौंपकर कार्रवाई की मांग किया है। संघ के रामदयाल यादव ने कहा कि वीडियो देखने के बाद ऐसा प्रतीत होता है कि डॉ. उपेंद्र कुमार मानसिक संतुलन खो दिए है। वीडियो में दिमाग खोल कर रख देंगे, ज्यादा ताव मत दिखाओ, चपरासी है चपरासी जैसा रहा करो, जेल भेजवा देंगे सहित अन्य धमकी कर्मचारी को दिया जा रहा है।

घटना के बारे में मुझे कुछ भी जानकारी नहीं है। आरोप गलत है। (यह कहते हुए फोन काट दिया।)

डॉ. उपेंद्र कुमार, विभागाध्यक्ष, फार्माकोलॉजी।

लिखित शिकायत मिलने के बाद टीम गठित कर इस मामले की जांच करायी जाएगी। इसमें जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ सख्ती के साथ कार्रवाई होगी।

डॉ. एसी अखौरी, प्रिंसिपल, एमजीएम।

 

Posted By: Vikas Srivastava

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