जमशेदपुर, जासं। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज या टीसीएस और इंफोसिस आईटी सेक्टर की दो दिग्गज भारतीय कंपनी है। यह सभी जानते हैं, लेकिन यहां हम इस बात का विश्लेषण कर रहे हैं कि दोनों का सफर तुलनात्मक रूप से कैसा चल रहा है।  हाल के वर्षों में, खासकर कोरोना काल में सबसे ज्यादा कारोबार आईटी कंपनियों का ही बढ़ा है। हर तरह की कंपनी एक बार नब्बे के दशक की तरह आईटी पर निर्भर हो गई है। वर्क फ्रॉम होम में तो आईटी कंपनियों के पंख ही लगा दिए। शेयर बाजार में भी इनकी ही तूती बोल रही है। वैसे हम वित्तीय आंकड़े पर ही इनके प्रदर्शन की तुलना करने जा रहे हैं।

मुनाफे में टीसीएस ही चल रही आगे

जहां तक वित्त वर्ष 2021-22 की पहली तिमाही में राजस्व वृद्धि की बात है, ताे इसमें टीसीएस ही आगे है। इस अवधि में टीसीएस ने कुल 38,478 करोड़ रुपये की आय दर्ज की, जो 32,330 करोड़ रुपये से 19 प्रतिशत अधिक है। वहीं इंफोसिस ने 20,803 करोड़ रुपये से कुल आय में 16.7 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की, जो 24,284 करोड़ रुपये थी। ऑपरेटिंग मार्जिन या परिचालन लाभ के मामले में भी टीसीएस आगे है। चालू वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही में टीसीएस का परिचालन लाभ 11,193 करोड़ रुपये था, जो वित्त वर्ष 2021 की इसी तिमाही में 8,594 करोड़ रुपये से 30.2 प्रतिशत अधिक रहा। वहीं, इंफोसिस ने इसी अवधि में 5,477 करोड़ रुपये से 6,531 करोड़ रुपये का परिचालन लाभ दर्ज किया। यानी 19.2 प्रतिशत वृद्धि।

कर-बाद लाभ की गणना

कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन में कर-बाद लाभ (प्राफिट आफ्टर टैक्स) बहुत मायने रखता है। टीसीएस में कर के बाद लाभ 8,281 करोड़ रुपये था, जो गत वर्ष की पहली तिमाही में 6,096 करोड़ रुपये से 35.84 प्रतिशत अधिक है। इंफोसिस ने 4,723 करोड़ रुपये का पीएटी दर्ज किया, जो सालाना आधार पर 4,008 करोड़ रुपये से 17.83 प्रतिशत अधिक है।

दोनों कंपनियां लगभग कर्ज मुक्त

अंत में इनका पूरा लेखा-जोखा देखने से यही पता चलता है कि दोनों कंपनियां लगभग कर्ज मुक्त हैं। टीसीएस का इक्विटी पर रिटर्न का एक उत्कृष्ट ट्रैक रिकार्ड है। कंपनी का 10 साल, 5 साल और 3 साल का आरओई सीएजीआर क्रमशः 40%, 38% और 42% था। इंफोसिस ने इसी अवधि में 25%, 24% और 25% आरओई-सीएजीआर दर्ज किया। जहां तक ​​लाभांश भुगतान का संबंध है, टीसीएस ने 55.05% के लाभांश भुगतान अनुपात के साथ इंफोसिस पर मामूली रूप से स्कोर किया है। प्रमोटर होल्डिंग भी एक महत्वपूर्ण मानदंड है। जून 2021 तिमाही में 72.19% प्रमोटर होल्डिंग के साथ टीसीएस अपने कट्टर प्रतिद्वंद्वी इंफोसिस को 12.95% प्रमोटर हिस्सेदारी के आंकड़े के साथ बहुत पीछे छोड़ देता है।

शेयरधारकों को रिटर्न भी ज्यादा दिया

टीसीएस ने वित्तीय वर्ष 2021-22 की पहली तिमाही के नतीजे में शेयरधारकों को 18.5 प्रतिशत रिटर्न दिया, जबकि इंफोसिस ने 11.2 प्रतिशत। विशेष रूप से, टाटा समूह के प्रमुख स्टॉक में एक महीने में 6.17 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि इसी दौरान इंफोसिस में 1.21 प्रतिशत की गिरावट आई।

Edited By: Jitendra Singh