Cyclone arnab का असर: टाटानगर स्टेशन पर 13 ट्रेनें घंटों विलंब से पहुंचीं; सांतरागाछी स्पेशल 22 तो दुरंतो 18 घंटे लेट
चक्रवाती तूफान और खराब मौसम के कारण जमशेदपुर के टाटानगर स्टेशन पर 13 प्रमुख ट्रेनें घंटों विलंब से पहुंचीं, जिससे यात्रियों को भारी असुविधा हुई।

तेज हवा और भारी बारिश के कारण सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ट्रेनों की रफ्तार धीमी कर दी गई है।
HighLights
चक्रवाती तूफान से टाटानगर स्टेशन पर ट्रेनें घंटों लेट।
सांतरागाछी स्पेशल 22, दुरंतो एक्सप्रेस 18 घंटे विलंब।
सुरक्षा हेतु ट्रेनों की गति धीमी, यात्री हुए परेशान।
जासं, जमशेदपुर। चक्रवाती तूफान और खराब मौसम का असर अब रेल यातायात पर भी साफ दिखने लगा है। तेज हवा और भारी बारिश के कारण सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ट्रेनों की रफ्तार धीमी कर दी गई है।
इसके चलते गुरुवार को टाटानगर रेलवे स्टेशन पर गुजरने वाली 13 प्रमुख ट्रेनें घंटों विलंब से पहुंचीं। ट्रेनों की इस भारी लेटलतीफी के कारण यात्रियों को स्टेशन के प्लेटफार्म पर घंटों बैठकर अपनी ट्रेन का इंतजार करना पड़ा, जिससे उनकी यात्रा की पूरी योजना गड़बड़ा गई।
सांतरागाछी स्पेशल 22 घंटे तो दुरंतो 18 घंटे लेट
चक्रवात के प्रभाव से लंबी दूरी की कई महत्वपूर्ण ट्रेनें अपने निर्धारित समय से कोसों दूर चल रही हैं। सबसे अधिक प्रभावित ट्रेनों में निम्नलिखित शामिल रहीं:
- सांतरागाछी स्पेशल पूजा स्पेशल (01101): यह ट्रेन अपने निर्धारित समय (बुधवार रात 12:25 बजे) से भारी फेरबदल के बाद 22 घंटे 25 मिनट की देरी से गुरुवार रात टाटानगर पहुंची।
- हावड़ा एसी दुरंतो एक्सप्रेस (12261): यह अति महत्वपूर्ण ट्रेन 18 घंटे 27 मिनट की देरी से स्टेशन पर आई।
- कलिंग उत्कल एक्सप्रेस (18478): योगनगरी ऋषिकेश से पुरी जाने वाली यह ट्रेन 7 घंटे 40 मिनट विलंब से चली।
- इतवारी-टाटानगर एक्सप्रेस (18110): यह ट्रेन अपने तय समय से 6 घंटे की देरी से आई।
इस्पात एक्सप्रेस और मुंबई मेल भी रहीं प्रभावित
टाटानगर और आसपास के रूटों पर चलने वाली अन्य लोकप्रिय ट्रेनें भी घंटों की देरी से पहुंचीं:
- हावड़ा-इस्पात एक्सप्रेस (12872): लगभग 5 घंटे 58 मिनट की देरी से दोपहर पौने दो बजे के बजाय शाम 7:43 बजे टाटानगर पहुंची।
- मुंबई मेल (12809): 4 घंटे 37 मिनट विलंब से आई।
- पुणे-हावड़ा आजाद हिंद एक्सप्रेस (12129): 4 घंटे 12 मिनट की देरी से चली।
- दुर्ग-आरा साउथ बिहार एक्सप्रेस (13287): 4 घंटे 10 मिनट की देरी से टाटानगर पहुँची।
इसके अलावा पोरबंदर-शालीमार एक्सप्रेस, साईनगर शिर्डी सुपरफास्ट, हावड़ा-जनशताब्दी, बक्सर-टाटानगर एक्सप्रेस और धनबाद-झाड़ग्राम मेमू एक्सप्रेस भी 56 मिनट से लेकर लगभग 4 घंटे तक विलंब से संचालित हुईं।
सुरक्षा के मद्देनजर धीमी चलाई जा रही हैं ट्रेनें
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, चक्रवात के दौरान चल रही तेज हवाओं और खराब दृश्यता को देखते हुए लोको पायलटों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
पटरियों की सुरक्षा और दुर्घटनाओं से बचने के लिए आवश्यकतानुसार ट्रेनों को रोकने या उनकी गति नियंत्रित करने की हिदायत दी गई है।
इसके कारण लंबी दूरी की ट्रेनें अपने गंतव्य तक देरी से पहुंच रही हैं और यात्रियों को स्टेशन पर भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
