टाटानगर स्टेशन के पास डिप्टी जीएम के दौरे से पहले रेलवे का चला बुलडोजर, दुकानदारों और आरपीएफ में तीखी बहस
दक्षिण पूर्व रेलवे के उप महाप्रबंधक के टाटानगर दौरे से पहले रेलवे ने अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया। इस कार्रवाई से ...और पढ़ें

बागबेड़ा टीओपी और कीताडीह सड़क किनारे बनी अस्थायी दुकानों तथा ठेले-खोमचों को हटाने का अभियान चलाया।
HighLights
रेलवे ने बागबेड़ा टीओपी और कीताडीह सड़क किनारे दुकानें हटाईं।
दुकानदारों ने बिना सूचना कार्रवाई का विरोध किया, आरपीएफ पोस्ट पर विवाद।
जासं, जमशेदपुर। दक्षिण पूर्व रेलवे के उप महाप्रबंधक (डिप्टी जीएम) मनीष जैन सोमवार, 5 अक्टूबर को टाटानगर रेलवे स्टेशन का दौरा करेंगे।
उच्च अधिकारी के इस संभावित दौरे को देखते हुए रेल प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। इसी क्रम में शनिवार सुबह रेलवे के लैंड विभाग की टीम ने कार्रवाई की।
बागबेड़ा टीओपी और कीताडीह सड़क किनारे बनी अस्थायी दुकानों तथा ठेले-खोमचों को हटाने का अभियान चलाया। इस दौरान पूर्व में तोड़ी गई दुकानों के मलबे को भी बुलडोजर की मदद से साफ किया गया।
बिना सूचना कार्रवाई पर भड़के दुकानदार
रेलवे की इस अचानक कार्रवाई का स्थानीय अस्थायी दुकानदारों ने कड़ा विरोध किया। दुकानदारों का आरोप था कि उन्हें अतिक्रमण हटाने के संबंध में कोई पूर्व सूचना या नोटिस नहीं दिया गया था।
वहीं, दूसरी ओर लैंड विभाग के अधिकारी उपेंद्र सिंह ने दुकानदारों के दावों को खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि अतिक्रमण हटाने के लिए क्षेत्र में बाकायदा लाउडस्पीकर से उद्घोषणा की गई थी और पूर्व में लिखित नोटिस भी जारी किया गया था।
आरपीएफ पोस्ट पर हंगामा और राजनीतिक हस्तक्षेप
कार्रवाई के दौरान विवाद बढ़ने पर लैंड विभाग की टीम दुकानदारों को लेकर आरपीएफ पोस्ट पहुंची, जहां दोनों पक्षों के बीच काफी देर तक तीखी बहस चलती रही।
घटना की जानकारी मिलते ही आजसू के जिलाध्यक्ष कन्हैया सिंह दुकानदारों के समर्थन में आरपीएफ पोस्ट पहुंचे और उनका पक्ष रखा।
उन्होंने रेल प्रशासन पर बिना पूर्व सूचना दुकानें तोड़ने का आरोप लगाया और हिरासत में लिए गए दुकानदारों को छोड़ने व उनका सामान वापस करने की मांग की।
