जमशेदपुर, जागरण संवाददाता।  टाटा स्टील में वर्ष 2025 तक महिला कर्मचारियों की संख्या कुल कर्मचारियों की संख्या का 20 प्रतिशत होगी। जबकि वर्तमान में यह मात्र आठ प्रतिशत है।

टाटा स्टील की चीफ एचआरएम विनीता प्रकाश बताते हैं कि मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में बड़ी यूनिवर्सिटी या बिजनेस स्कूल के युवा आना नहीं चाहते। लेकिन कंपनी महिला सशक्तिकरण की ओर कदम बढ़ाते हुए तेजी से इस दिशा में काम कर रही है। महिला कर्मचारियों को स्टील कंपनी से जुडऩे के लिए उन्हें आकर्षक पैकेज सहित कई तरह की सुविधाएं दे रही है।

दिए जा रहे आकर्षक ऑफर

इसके अलावे टाटा स्टील की ओर से माइंड ओवर मैटर सहित कई कार्यक्रम आयोजित कर रही है। इस तरह के कार्यक्रम के तहत हम युवाओं को कॉलेज की पढ़ाई खत्म होने से पहले उन्हें जॉब ऑफर कर रहे हैं। कोर्स पूरा होने के बाद ऐसे युवा जूनियर इंजीनियर ट्रेनी के रूप में कंपनी ज्वाइंन करते हैं जिन्हें सालाना 10 लाख रुपये से ज्यादा का पैकेज दिया जाता है। पिछले छह वर्षों में 45 से ज्यादा युवा उनसे जुड़ चुके हैं। इनमें महिला कर्मचारियों की संख्या आधे से ज्यादा है। वर्तमान में टाटा स्टील में माइंस, कोलियरी, कलिंगानगर और जमशेदपुर प्लांट को मिलाकर लगभग 36 हजार कर्मचारी कार्यरत हैं। 

 पीओ व एचआर के पद पर कार्यरत हैं महिला कर्मी

टाटा स्टील में तेजी से पर्सनल ऑफिसर और ह्यूमन रिसोर्स के पद पर महिला अधिकारियों की संख्या बढ़ी है। इसके लिए मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल, मेटलर्जी सहित अन्य विधाओं में इंजीनियङ्क्षरग करने वाली महिला कर्मी भी टाटा स्टील से जुड़ रही हैं। 

 बी शिफ्ट में काम कर रही है महिलाएं

टाटा स्टील ने पिछले दिनों ही नई पहल की। इसके बाद कंपनी के कोक प्लांट में बी शिफ्ट में महिला कर्मचारी ड्यूटी कर रही हैं। इसके लिए उन्हें सुरक्षित माहौल भी कंपनी ने तैयार किया है। 

20 प्रतिशत होंगी महिला कर्मचारी 

  • वर्तमान में मात्र 8 प्रतिशत है महिला कर्मचारियों की संख्या
  • लैंगिग समानता के तहत हो रही है इस तरह की पहल
  • वर्तमान में टाटा स्टील जमशेदपुर, माइंस, कोलियरी, कलिंगानगर में कुल मिलाकर 36 हजार कर्मचारी हैं कार्यरत

 

Posted By: Rakesh Ranjan

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