टाटा स्टील के वेतन समझौते में 1978 से प्रभावी बंचिंग व्यवस्था खत्म करने की मांग, हजारों कर्मचारी हैं इससे प्रभावित
टाटा वर्कर्स यूनियन ने टाटा स्टील प्रबंधन से मौजूदा वेतन समझौते में बंचिंग व्यवस्था को पूरी तरह खत्म करने की ...और पढ़ें

टाटा वर्कर्स यूनियन के सभी पदाधिकारियों ने कंपनी प्रबंधन के साथ की बैठक।
HighLights
यूनियन ने मौजूदा वेतन समझौते में बंचिंग व्यवस्था समाप्त करने की मांग की।
कर्मचारियों को फिटमेंट के साथ स्लैब में जाने देने का सुझाव दिया।
लगभग 2,200 कर्मचारी बंचिंग व्यवस्था से प्रभावित हो रहे हैं।
जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। टाटा स्टील में इसी वेतन समझौते से ही बंचिंग व्यवस्था को पूरी तरह से खत्म किया जाए। कर्मचारी फिटमेंट बेनीफिट के साथ जिस स्लैब या ब्लाक में जा रहे हैं, उन्हें जाने दिया जाए ताकि किसी को आर्थिक नुकसान न हो।
टाटा स्टील में वेतन समझौते के बाद बंचिंग व्यवस्था तूल पकड़ चुका है। वरीय कर्मचारियों के वेतन में वरीयता को बरकरार रखने के लिए लगभग 2,200 कर्मचारियों के इंक्रीमेंट डेट को तीन से 11 माह तक बढ़ा दिया गया है।
इस समस्या का समाधान के लिए सोमवार सुबह 10 बजे जनरल आफिस सभागार में कंपनी प्रबंधन और यूनियन के सभी 11 पदाधिकारियों की बैठक हुई जिसमें आठों पदाधिकारियों ने कंपनी प्रबंधन को यह सुझाव दिया।
लगभग ढ़ाई घंटे तक चली इस बैठक में सभी पदाधिकारियों का कहना था कि बंचिंग व्यवस्था के समाधान के लिए ऐसे व्यावहारिक, तार्किक व स्थायी समाधान हो ताकि कंपनी पर कोई अतिरिक्त वित्तीय भार न पड़े।
साथ ही कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए बंचिंग का समाधान न्यायसंगत तरीके से करते हुए इसका स्थायी समाधान निकाला जाए ताकि भविष्य में फिर ऐसी समस्या उत्पन्न न हो और न ही कर्मचारियों को इसका प्रतिकूल प्रभाव झेलना पड़े।
यदि इसका इसी वर्ष समाधान नहीं हुआ तो अगले वेतन समझौते में बंचिंग से प्रभावित कर्मचारियों की संख्या बढ़कर 5,000 तक हो जाएगी। वहीं, यूनियन पदाधिकारियों ने प्रबंधन से बंचिंग के स्वरूप, प्रकार व प्रभावित होनेवाले कर्मचारियों की कुल संख्या का विवरण भी मांगा है।
सभी पदाधिकारियों से लिए गए सुझाव के बाद कंपनी प्रबंधन ने स्पष्ट किया कि इस मामले में विसंगति कमेटी में यूनियन के शीर्षस्थ नेतृत्व के साथ बैठक कर इसका हल निकालने का प्रयास किया जाएगा।
बैठक में कंपनी के चीफ हयूमन रिसोर्स आफिसर (इंडिया मैन्युफैक्चरिंग) जुबिन पालिया, चीफ आइआर राहुल दुबे, उत्कर्ष भारद्वाज व शार्दुल विक्रम जबकि यूनियन से अध्यक्ष संजीव चौधरी, डिप्टी प्रेसिडेंट शैलेश सिंह, महासचिव सतीश सिंह, उपाध्यक्ष डा. शाहनवाज आलम, संजीव तिवारी, संजय सिंह, राजीव चौधरी, सहायक सचिव अजय चौधरी, श्याम बाबू व कोषाध्यक्ष आमोद दुबे उपस्थित थे।
टाटा स्टील में 1978 से प्रभावी है बंचिंग व्यवस्था: प्रबंधन
बैठक में प्रबंधन की ओर से सभी पदाधिकारियों को बताया गया कि नए वेतन समझौते के बाद बंचिंग की स्थिति उत्पन्न हो रही है। कुछ मामलों में इंक्रीमेंट की तारीख (डेट आफ इंक्रीमेंट) को आगे बढ़ाया गया है।
प्रबंधन ने बताया कि इससे लगभग 2,000 से अधिक कर्मचारी प्रभावित हो सकते हैं। वहीं, प्रबंधन ने बताया कि बंचिंग की समस्या वर्ष 1978 से चली आ रही है इसलिए यह केवल वर्तमान वेतन समझौते तक सीमित समस्या नहीं है बल्कि एक दीर्घकालिक व संरचनात्मक समस्या है।
