विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

टाटा स्टील ने सेफ्टी लीडरशिप में किया बड़ा फेरबदल, 1 सितंबर से प्रभावी होंगी नई नियुक्तियां

Published: Mon, 24 Aug 2026 10:42 PM (IST)

टाटा स्टील ने अपनी सुरक्षा प्रणाली को मजबूत करने के लिए सेफ्टी लीडरशिप स्ट्रक्चर में बड़ा संगठनात्मक बदलाव किया है। यह नई व्यवस्था 1 सितंबर से प्रभावी होगी।

News Article Hero Image

HighLights

  1. टाटा स्टील ने सुरक्षा नेतृत्व संरचना में बड़ा बदलाव किया।

  2. अधिकारियों की फंक्शनल रिपोर्टिंग सीधे चीफ सेफ्टी को होगी।

जासं, जमशेदपुर। टाटा स्टील प्रबंधन ने कंपनी के सुरक्षा तंत्र को और अधिक मजबूत तथा प्रभावी बनाने के उद्देश्य से सेफ्टी लीडरशिप स्ट्रक्चर में बड़े संगठनात्मक बदलावों की घोषणा की है। 
 
प्रबंधन द्वारा सोमवार को जारी आधिकारिक आदेश के तहत यह नई व्यवस्था 1 सितंबर से प्रभावी होगी। इस फेरबदल के माध्यम से विभिन्न अधिकारियों के कार्यक्षेत्र और जिम्मेदारियों को नए सिरे से परिभाषित किया गया है।
 

जमशेदपुर और अन्य इकाइयों में नई पदस्थापनाएं:

  •     मयंक श्रीवास्तव: (जमशेदपुर) - हेड सेफ्टी सीओई (COE)
  •     उदित वर्मा: (जमशेदपुर) - हेड सेफ्टी सप्लाई चेन
  •     सूर्य भूषण कुमार सिन्हा: (जमशेदपुर) - हेड प्रोसेस सेफ्टी (झारखंड)
  •     पूनम शुक्ला: (जमशेदपुर) - हेड सेफ्टी टीएसजे (TSJ)
  •     कुमार वरुण: (मेरामंडली) - हेड प्रोसेस सेफ्टी (ओडिशा)
  •     उपेंद्र प्रसाद यादव: (मेरामंडली) - हेड सेफ्टी टीएसएम (TSM)
  •     मानस रंजन साहू: (जयपुर में पदस्थ) - हेड सेफ्टी (कलिंगनगर) के पद पर बने रहेंगे।


चीफ सेफ्टी को होगी फंक्शनल रिपोर्टिंग

प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि इन सभी अधिकारियों की फंक्शनल रिपोर्टिंग सीधे चीफ सेफ्टी को होगी। कंपनी द्वारा जारी आदेश में सेफ्टी विभाग के अधिकारियों की भूमिकाओं को पूरी स्पष्टता के साथ रेखांकित किया गया है। 
 
नई व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक इकाई और कार्यक्षेत्र के अनुसार सेफ्टी लीडरशिप की जिम्मेदारी तय करना है, ताकि संयंत्रों और आपूर्ति श्रृंखला (सप्लाई चेन) में सुरक्षा मानकों को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सके।