Tata Steel लुधियाना ने रचा नया इतिहास! BIS लाइसेंस पाने वाली देश की पहली कंपनी बनी
टाटा स्टील लुधियाना ने अष्टकोणीय बिलेट के उत्पादन के लिए भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) से लाइसेंस प्राप्त कर देश का ...और पढ़ें

टाटा स्टील लुधियाना को बीआईएस लाइसेंस मिला।
HighLights
टाटा स्टील लुधियाना को अष्टकोणीय बिलेट के लिए बीआईएस लाइसेंस मिला।
हरित इस्पात निर्माण को बढ़ावा, टीएमटी सरिया में उपयोग।
जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। टाटा स्टील लुधियाना ने अष्टकोणीय बिलेट (ऑक्टागोनल ब्लेड) के उत्पादन के लिए भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) से लाइसेंस प्राप्त कर नया इतिहास रचा है।
आईएस 14650:2023 मानक के तहत यह प्रमाणन पाने वाला टाटा स्टील देश का पहला इस्पात उत्पादक बन गया है। इस बिलेट का उपयोग टाटा टिसकॉन टीएमटी सरिया बनाने में होगा, जिसका प्रयोग आवासीय, वाणिज्यिक भवन, सड़क, पुल, मेट्रो व ऊर्जा क्षेत्र की परियोजनाओं में किया जाएगा।
क्या है अष्टकोणीय बिलेट उत्पादन?
पारंपरिक चौकोर या आयताकार बिलेट के स्थान पर आठ कोनों (आठ सतहों) वाले अर्द्ध-निर्मित स्टील ब्लाक का निर्माण ही अष्टकोणीय बिलेट उत्पादन कहलाता है। इस विशेष डिजाइन से बिलेट का सतही क्षेत्रफल बढ़ जाता है, जिससे रोलिंग मिल में प्रासेसिंग के दौरान ऊष्मा का स्थानांतरण बेहतर और कूलिंग एक समान होती है।
इससे धातु के सूक्ष्म कणों (ग्रेन स्ट्रक्चर) का प्रवाह सुधरता है, जिससे अंतिम उत्पाद (सरिया) में अधिक मजबूती, लचीलापन (डक्टिलिटी) और बेहतर गोलाई (डाइमेंशनल एक्यूरेसी) प्राप्त होती है।
रोलिंग मिल और पर्यावरण को लाभ
अष्टकोणीय आकृति के कारण रोलिंग के दौरान कोनों से होने वाली धातु की बर्बादी रुकती है, जिससे मेटल यील्ड (उत्पादन क्षमता) में बढ़ोतरी होती है। साथ ही, रोलिंग मिल के उपकरणों पर समान दबाव पड़ने से मशीनरी की घिसावट कम होती है, जिससे ऊर्जा और रखरखाव लागत दोनों में बचत होती है।
टाटा स्टील के प्रौद्योगिकी, आरएंडडी व न्यू मटीरियल्स बिजनेस के उपाध्यक्ष सुबोध पांडे ने बताया कि यह बीआईएस लाइसेंस लुधियाना में विकसित तकनीकी सक्षमता का प्रमाण है। यह पहल हरित इस्पात निर्माण पारिस्थितिकी तंत्र को सशक्त बनाती है।
उल्लेखनीय है कि टाटा स्टील ने लुधियाना के हाई-टेक वैली में लगभग 3,200 करोड़ रुपये के निवेश से 0.75 मिलियन टन वार्षिक क्षमता वाला देश का पहला स्क्रैप-आधारित इलेक्ट्रिक आर्क फर्नेस (ईएएफ) संयंत्र स्थापित किया है, जो शत-प्रतिशत स्क्रैप और नवीकरणीय ऊर्जा का उपयोग कर कम कार्बन उत्सर्जन वाला हरित इस्पात बना रहा है।
