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टाटा स्टील ने ठेकाकर्मियों के लिए लॉन्च किया 'श्रम लाभ' एप; वेतन पर्ची से लेकर EPF-ESIC की मिलेगी पूरी जानकारी

Published: Wed, 14 Oct 2026 10:20 PM (IST)Updated: Wed, 14 Oct 2026 10:28 PM (IST)

टाटा स्टील ने अपने संविदा कर्मियों के लिए 'श्रम लाभ' नामक एक डिजिटल ऐप लॉन्च किया है। यह एप उन्हें ...और पढ़ें

एप के माध्यम से कर्मचारियों को वेतन पर्ची से लेकर ईपीएफ-ईएसआइसी और सरकारी कल्याणकारी योजनाओं की मिलेगी जानकारी।

एप के माध्यम से कर्मचारियों को वेतन पर्ची से लेकर ईपीएफ-ईएसआइसी और सरकारी कल्याणकारी योजनाओं की मिलेगी जानकारी।

HighLights

  1. 'श्रम लाभ' ऐप संविदा कर्मियों के लिए लॉन्च।

  2. सामाजिक सुरक्षा और कल्याणकारी योजनाओं से जुड़ाव।

जासं, जमशेदपुर। टाटा स्टील ने अपने संविदा (ठेका) कर्मियों को रोजगार संबंधी सटीक जानकारी, सामाजिक सुरक्षा और विभिन्न कल्याणकारी सुविधाओं से सीधे जोड़ने के लिए एक अभिनव डिजिटल प्लेटफॉर्म 'श्रम लाभ' विकसित किया है। 
 
इस मोबाइल ऐप के माध्यम से कर्मचारी अपने सेफ्टी पास नंबर का उपयोग कर एक ही जगह पर तमाम सुविधाओं और जानकारियों का लाभ उठा सकेंगे।
 
इस ऐप को टाटा स्टील जमशेदपुर के कांट्रैक्टर सेल ने मुख्य एचआरबीपी (स्टील) यशवंत कुमार पांडेय के नेतृत्व में तैयार किया है। हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में एप उपलब्ध हैै। 
 
यह ऐप ठेकाकर्मियों को उनकी वेतन पर्ची (पे-स्लिप), न्यूनतम मजदूरी, ईपीएफ (EPF), ईएसआईसी (ESIC), वैधानिक अधिकारों और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से संबंधित पूरी जानकारी प्रदान करेगा। 
 
इसके अलावा, ऐप में शिकायत निवारण, सुरक्षा संसाधन और भावनात्मक परामर्श (काउंसलिंग) की सुविधा भी शामिल की गई है। 
 
संस्था 'हकदर्शक' के साथ एकीकरण (इंटीग्रेशन) के माध्यम से कर्मचारी अपनी पात्रता के अनुसार सरकारी कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी आसानी से प्राप्त कर सकेंगे।
 
टाटा स्टील के सीईओ सह प्रबंध निदेशक टीवी नरेंद्रन ने 1 अक्टूबर 2026 को इस दूरदर्शी एप का औपचारिक उद्घाटन किया था। इसके बाद संविदा कर्मियों को ऐप के उपयोग के प्रति जागरूक करने के लिए ‘श्रम शक्ति: डिजिटल पहल’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। 
 
इस दौरान उप श्रम आयुक्त अरविंद कुमार और टाटा स्टील के वाइस प्रेसिडेंट (ऑपरेशंस) चैतन्य भानु की उपस्थिति में ऐप का लाइव प्रदर्शन और जागरूकता सत्र आयोजित किए गए।
 
कंपनी के अनुसार, इस ऐप का नाम खुद संविदा कर्मियों के बीच कराए गए मतदान के आधार पर चुना गया है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य श्रमिकों तक सभी आवश्यक जानकारियां और सुविधाएं पूरी पारदर्शिता के साथ पहुंचाना है।