जमशेदपुर, जासं। इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग जिस तेजी से बढ़ रही है, उससे स्टील उद्योगों के लिए एक नया संकट खड़ा हो रहा है। इसकी वजह इलेक्ट्रिक वाहनों में एल्युमीनियम की बढ़ती खपत को बताया जा रहा है। जाहिर सी बात है कि इससे स्टील की चादरों या शीट समेत तमाम उपकरणों की मांग कम होगी।

ऐसे में एल्युमिनियम उत्पादन करने वाली हिंडाल्को (Hindalco) का भविष्य उज्जवल नजर आ रहा है, वहीं टाटा स्टील (Tata Steel) व जिंदल स्टील (Jindal Steel) जैसी कंपनियां चिंतित है। जाहिर है कि ऑटोमोबाइल कंपनियों में स्टील की ज्यादा खपत है, जिसमें टाटा मोटर्स (Tata Motors)भी शामिल है।

टाटा स्टील, जिंदल से ज्यादा रिटर्न देगी हिंडाल्को

एक रिपोर्ट के मुताबिक इलेक्ट्रिक वाहनों (Electric Vehicles) या ईवी (EV) में इस्तेमाल होने वाले एल्युमीनियम का भविष्य उज्जवल बताया जा रहा है। एल्युमिनियम सबसे सस्ती और सबसे हल्की धातुओं में से एक है, जिसका उपयोग इलेक्ट्रिक वाहनों को हल्का बनाने के लिए किया जा रहा है।

यह रिपोर्ट एल्युमीनियम उत्पादक कंपनियों के उत्साहजनक और स्टील उत्पादकों के लिए थोड़ी निराशाजनक कही जा सकती है। इसके अनुसार भारतीय कंपनी हिंडाल्को के शेयर की कीमत टाटा स्टील और जेएसडब्ल्यू स्टील जैसे स्टील उत्पादकों की तुलना में लगभग 30 प्रतिशत अधिक रिटर्न देगी। एल्युमिनियम सबसे सस्ती और सबसे हल्की धातुओं में से एक है, जिसका उपयोग ईवी के निर्माण में किया जाता है और इसका उपयोग एयरोस्पेस उद्योग में भी किया जाता है, क्योंकि यह मजबूती बनाए रखते हुए संरचना के समग्र वजन को कम करने में मदद करता है।

एक कार में करीब 70 किलोग्राम लगती एल्युमीनियम

एक कार में औसतन 70 किलोग्राम एल्युमीनियम की खपत होती है, जबकि मोटरसाइकिल में लगभग 30 किलोग्राम लगती है। माना जाता है कि वैश्विक स्तर पर प्रत्येक इलेक्ट्रिक वाहन में औसतन लगभग 250 किलोग्राम एल्युमीनियम का उपयोग किया जाता है। नतीजतन, एल्युमीनियम बॉडी वाले वाहन दूसरों की तुलना में महंगे हो जाते हैं। इस बीच, स्टील जैसी धातु की वस्तुओं की मांग सितंबर 2021 से धीमी हो रही है।

चीन सबसे बड़ा स्टील बाजार

चीन स्टील जैसी वस्तुओं की दुनिया का सबसे बड़ा खरीदार है। जुलाई-सितंबर तिमाही में चीन के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में निराशाजनक 4.9 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि देश में बिजली की कमी, खराब निवेश गतिविधियों आदि वजह से 5.2 प्रतिशत की उम्मीद थी। रिपोर्ट में कहा गया है कि हालांकि नीति में ढील से चीनी मांग बढ़ सकती है, फिर भी हम एक साल पहले की तुलना में जोखिम-इनाम को बहुत कम पाते हैं।

मेटल कंपनियां : अनुमानित मूल्य* : वर्तमान मूल्य* (रुपये प्रति किलो) : रिटर्न (प्रतिशत)

हिंडाल्को इंडस्ट्रीज : 660 : 490 : 35

टाटा स्टील : 1240 : 1148 : 8

जेएसडब्ल्यू स्टील : 600 : 657 : -8.6%

*रुपये प्रति किलो

इन कंपनियों के उत्पाद की घटी मांग

भारतीय इस्पात प्राधिकरण : -3.74%

जिंदल स्टील एंड पावर : -3.15%

जेएसडब्ल्यू स्टील : -2.54%

टाटा स्टील : -1.65%

एनएमडीसी : -1.14%

हिंदुस्तान जिंक : -0.98%

वेदांता : -1.49%

हिंदुस्तान कॉपर : -0.42%

Edited By: Jitendra Singh