टाटा स्टील ग्रेड रिवीजन: आशा के अनुरूप समझौता नहीं हुआ तो यूनियन में बनेगा तीसरा मोर्चा!
टाटा वर्कर्स यूनियन के सहायक सचिव नितेश राज ने मजदूर दिवस पर कहा कि यदि टाटा स्टील का आगामी ग्रेड ...और पढ़ें

टाटा वर्कर्स यूनियन।
HighLights
टाटा स्टील ग्रेड रिवीजन पर तीसरे मोर्चे की चेतावनी।
10,800 कर्मचारियों का वेतन समझौता 16 माह से लंबित।
असंगठित कामगारों के लिए 30 हजार न्यूनतम वेतन की मांग।
जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। टाटा वर्कर्स यूनियन में मजदूर दिवस के अवसर पर बैठक हुई। इसमें के यूनियन के सहायक सचिव नितेश राज ने घोषणा की है कि यदि टाटा स्टील के कर्मचारियों का आगामी ग्रेड रिवीजन समझौता उम्मीदों के मुताबिक नहीं रहा, तो यूनियन के भीतर तीसरे मोर्चे का गठन किया जाएगा।
बैठक के मुख्य बिंदु:
- अध्यक्ष से मांग: नितेश राज ने कहा कि वे जल्द ही यूनियन अध्यक्ष से मिलकर स्टील और एनएस (NS) ग्रेड कर्मचारियों के वेतन में सम्मानजनक वृद्धि की मांग करेंगे।
- लंबित समझौता: टाटा स्टील के लगभग 10,800 कर्मचारियों का वेतन समझौता 1 जनवरी 2025 से लंबित है। कंपनी में वेतन समझौते को लेकर पहले ही 16 माह का विलंब हो चुका है।
असंगठित क्षेत्र: 30 हजार न्यूनतम वेतन की मांग
अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर इंडिया फेडरेशन ऑफ ट्रेड यूनियन (न्यू) ने भी असंगठित क्षेत्र के कामगारों के हितों के लिए आवाज उठाई। लक्ष्मीनगर स्थित फुटबॉल मैदान में आयोजित कार्यक्रम में यूनियन के अध्यक्ष सुजय राय ने केंद्र सरकार और प्रबंधन के सामने महत्वपूर्ण मांगें रखीं।
प्रमुख मांगें:
- वेतनमान:बढ़ती महंगाई के मद्देनजर असंगठित कामगारों को न्यूनतम 30 हजार रुपये का वेतन मिले।
- कार्य अवधि: किसी भी कामगार से 8 घंटे से अधिक काम न लिया जाए।
- श्रमकानून: नए श्रम कानूनों को तत्काल वापस लेने की मांग की गई।
- मुकदमे वापसी: नोएडा सहित अन्य शहरों में आंदोलनों के दौरान दर्ज मुकदमों को समाप्त करने और मतदाता सूची के शुद्धिकरण की भी अपील की गई।
इस कार्यक्रम में डॉ. आरके सिंह, सिया शरण शर्मा और काशीनाथ प्रजापति सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे, जिन्होंने श्रमिक अधिकारों की रक्षा का संकल्प लिया।
