गम्हरिया के टाटा स्टील प्लांट में घुसकर सुरक्षाकर्मियों पर जानलेवा हमला, CCTV फुटेज के बावजूद पुलिस के हाथ खाली
गम्हरिया के टाटा स्टील प्लांट में 150 हथियारबंद अपराधियों ने सुरक्षाकर्मियों पर हमला किया, जिससे दो गंभीर रूप से घायल ...और पढ़ें

AI Generated Image.
HighLights
दो सुरक्षाकर्मी गंभीर रूप से घायल, दर्जनों अन्य चोटिल।
पांच दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली, सीसीटीवी फुटेज मौजूद।
संसू, गम्हरिया। सरायकेला-खरसावां जिले में पुलिस की कार्यशैली, मुस्तैदी और सुरक्षा दावों पर टाटा स्टील के गम्हरिया स्थित मेटल रिकवरी प्लांट में हुई संगठित हिंसा ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बीती 2 जुलाई की रात को लगभग 150 हथियारबंद अपराधियों ने कंपनी परिसर में घुसकर तांडव मचाया था। इस घटना के पांच दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस के हाथ अब तक पूरी तरह खाली हैं।
इस हमले में दो सुरक्षाकर्मी जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं, जबकि दर्जनों अन्य गंभीर रूप से घायल हैं। इस सनसनीखेज वारदात से पूरे गम्हरिया और आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र में डर का माहौल है।
सुनियोजित हमला: चहारदीवारी फांदकर घुसे थे अपराधी
प्रत्यक्षदर्शियों से मिली जानकारी के अनुसार, घटना की रात 100 से 150 अपराधियों का झुंड चोरी और लूटपाट की नीयत से कंपनी की चहारदीवारी फांदकर अंदर दाखिल हुआ था।
अपराधियों के हौसले इतने बुलंद थे कि वे अपने साथ लोहे की रॉड, धारदार चाकू, लाठी और अन्य घातक हथियार लेकर आए थे। जैसे ही परिसर की सुरक्षा में तैनात सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें रोकने की कोशिश की, अपराधियों ने उन पर जानलेवा हमला बोल दिया।
अपराधियों ने सुरक्षाकर्मियों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा, जिससे कई जवानों के सिर, हाथ और पैर टूट गए। हैरानी की बात यह है कि इतनी बड़ी संख्या में अपराधी हथियारों के साथ खुलेआम घूमते रहे और स्थानीय पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी।
CCTV फुटेज होने के बाद भी कार्रवाई नहीं
सरायकेला पुलिस अक्सर सोशल मीडिया और बयानों में दावा करती है कि क्षेत्र में अपराधियों और हथियार लहराने वालों के खिलाफ तत्काल जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी।
लेकिन टाटा स्टील जैसी कंपनी के भीतर हुए इस बड़े संगठित हमले ने इन दावों की हकीकत बयां कर दी है। घटना की पूरी करतूत कंपनी के सीसीटीवी (CCTV) कैमरों में कैद है, जिसमें हमलावरों के चेहरे साफ देखे जा सकते हैं।
औद्योगिक सुरक्षा पर बड़ा खतरा: सहमे स्थानीय उद्यमी
गम्हरिया और आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र झारखंड की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाते हैं। टाटा स्टील जैसे बड़े वैश्विक औद्योगिक समूह के प्लांट पर इस तरह का दुस्साहसिक हमला होना कई मायनों में खतरनाक है:
- निवेश पर पड़ेगा असर: इस तरह की गुंडागर्दी और कमजोर कानून-व्यवस्था से नए निवेशकों में नकारात्मक संदेश जाता है।
- छोटी इकाइयों में डर: स्थानीय उद्यमियों और एसोसिएशन का कहना है कि अगर टाटा स्टील जैसी चाक-चौबंद सुरक्षा वाली कंपनी में कर्मचारी सुरक्षित नहीं हैं, तो छोटी और मझोली औद्योगिक इकाइयों का क्या होगा?
