जमशेदपुर, जासं। कोरोना महामारी की वजह से आधारभूत संरचना निर्माण क्षेत्र की अग्रणी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) के करीब 97 प्रतिशत कर्मचारी वर्क फ्रॉम होम कर रहे हैं। अब कंपनी अधिक से अधिक कर्मचारियों को रोटेशन पर कार्यालय बुलाने की तैयारी चल रही है।

पूरी दुनिया में करीब 4.8 लाख कर्मचारी कंपनी में कार्यरत हैं, जिनमें से करीब 97 प्रतिशत कर्मचारियों को गत वर्ष मार्च में घर से काम करने को कह दिया था। अधिकतर साफ्टवेयर कंपनियों के अधिकांश कर्मचारी अब भी वर्क फ्रॉम होम कर रहे हैं। टाटा समूह की अन्य कंपनियों में भी जो लोग साफ्टवेयर से काम करते हैं, वर्क फ्रॉम होम कर रहे हैं।हालांकि इस बीच टीसीएस कंपनी की ओर से यह बात सामने आ रही थी कि वह अपने कर्मचारियों को आवश्यकतानुसार बारी-बारी से आफिस बुला सकती है। इसके लिए यह देखा जा रहा है कि किस कर्मचारी को आफिस बुलाना बहुत जरूरी है, किसे नहीं। इसके कई कर्मचारी उन कार्यस्थलों पर ड्यूटी कर रहे थे, जहां कंपनी के अधीन बड़ी-बड़ी निर्माण योजनाएं चल रही हैं।

कई चीजों का आकलन कर रही कंपनी

कंपनी ने इसके लिए एक टीम का गठन किया है, जो कर्मचारियों व अधिकारियों की क्षमता व दक्षता के मुताबिक आफिस बुलाने पर विचार करेगा। इसमें यह भी देखा जा रहा है कि कितने कर्मचारियों ने टीका ले लिया है। उनका स्वास्थ्य कैसा है। कर्मचारी आफिस से कितनी दूर पर रहते हैं। कर्मचारी जहां रहते हैं, वहां कोरोना संक्रमण की क्या स्थिति है, आदि। कर्मचारियों से भी पूछा जाएगा कि वे कार्यालय आने के लिए कितने तैयार हैं, यानी उनका स्वास्थ्य इसके लिए सक्षम हुआ है कि नहीं, आदि। दरअसल, कई ऐसे काम होते हैं, जिसके लिए कार्यालय में ही आधारभूत संरचना मौजूद होती है। यह काम घर से नहीं किया जा सकता। इन सबके बावजूद कंपनी कर्मचारियों के स्वास्थ्य व सुरक्षा को लेकर कोई जोखिम नहीं उठाना चाहती है। टाटा समूह के लिए कर्मचारी ही पूंजी के समान रहा है। कंपनी का शीर्ष प्रबंधन अपने कर्मचारियों के स्वास्थ्य व सुरक्षा को हमेशा सचेत रहता है। इसी बीच यह बात भी सामने आई थी कि कंपनी रोटेशन के आधार पर एक चौथाई कर्मचारियों को एक बार में कार्यालय बुलाना चाहती है, ताकि जोखिम कम से कम रहे। 

Edited By: Jitendra Singh