टाटा संस में शक्ति प्रदर्शन: चंद्रशेखरन और नोएल टाटा 7 नवंबर को होंगे आमने-सामने
टाटा संस में शीर्ष नेतृत्व और संभावित पब्लिक लिस्टिंग को लेकर मतभेद गहरा गए हैं। 7 नवंबर को टाटा स्टील ...और पढ़ें

टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन और टाटा ट्रस्ट के अध्यक्ष नोएल टाटा।
HighLights
टाटा संस में नेतृत्व, लिस्टिंग पर गहरे मतभेद।
7 नवंबर को टाटा स्टील बोर्ड बैठक में टकराव।
नोएल टाटा 70 वर्ष के होकर सेवानिवृत्त हो सकते हैं।
जासं, जमशेदपुर। देश के सबसे प्रतिष्ठित कारोबारी समूह टाटा संस में शीर्ष नेतृत्व और संभावित पब्लिक लिस्टिंग को लेकर उभरे मतभेदों के बीच शक्ति-प्रदर्शन देखने को मिल सकता है।
टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन और टाटा ट्रस्ट्स के अध्यक्ष नोएल टाटा आगामी 7 नवंबर को आयोजित टाटा स्टील बोर्ड की बैठक में आमने-सामने होंगे।
टाटा संस की नवंबर के दूसरे पखवाड़े में प्रस्तावित बोर्ड बैठक से ठीक पहले दोनों दिग्गजों का यह आमना-सामना कॉरपोरेट जगत में चर्चा का विषय बना हुआ है।
कार्यकाल विस्तार और लिस्टिंग पर टकराव
विवाद की मुख्य वजह भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के दिशानिर्देशों के तहत टाटा संस की शेयर बाजार में संभावित लिस्टिंग और एन चंद्रशेखरन का तीसरा कार्यकाल माना जा रहा है।
गत 17 सितंबर को हुई टाटा संस बोर्ड की बैठक में निदेशकों ने फरवरी 2027 के बाद चंद्रशेखरन को सेवा विस्तार देने और लिस्टिंग प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का समर्थन किया था।
हालांकि, नोएल टाटा ने इन दोनों ही प्रस्तावों का मुखर विरोध किया। टाटा संस में 66 प्रतिशत हिस्सेदारी रखने वाले सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट ने महाराष्ट्र चैरिटी कमिश्नर के समक्ष अपना पक्ष रखा है।
इसस दौरान कहा है कि धर्मार्थ संस्था के हितों और संपत्तियों की सुरक्षा के लिए टाटा संस को गैर-सूचीबद्ध (अनलिस्टेड) रखना ही उचित है।
70 वर्ष के होंगे नोएल, पद छोड़ने की संभावना
टाटा स्टील बोर्ड में एन चंद्रशेखरन चेयरमैन और नोएल टाटा वाइस-चेयरमैन की भूमिका में हैं। सितंबर तिमाही के वित्तीय नतीजे मंजूर करने के लिए यह बैठक पहले 27 अक्टूबर को तय थी, जिसे बदलकर अब 7 नवंबर कर दिया गया है।
गौरतलब है कि 12 नवंबर को नोएल टाटा 70 वर्ष के हो जाएंगे, जो समूह में गैर-कार्यकारी निदेशकों की सेवानिवृत्ति की निर्धारित आयु है।
ऐसे में माना जा रहा है कि वे टाटा स्टील बोर्ड से विदा ले सकते हैं। दूसरी ओर, टाटा संस को एनबीएफसी लिस्टिंग के कड़े नियमों से बाहर रखने के लिए समूह की दो कंपनियों के विलय की पुनर्गठन योजना पर भी गंभीरता से विचार किया जा रहा है।
