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Tata Sons IPO: RBI के निर्देश पर लिस्टिंग की तैयारी, टाटा ग्रुप की कंपनियों को होगा ₹1 लाख करोड़ का फायदा

Published: Mon, 14 Sep 2026 07:19 PM (IST)

टाटा संस के शेयर बाजार में लिस्ट होने की तैयारी से जमशेदपुर की टाटा स्टील और टाटा मोटर्स को संयुक्त रूप से ₹61,200 करोड़ का लाभ होगा।

आरबीआई के निर्देश पर हो रही इस लिस्टिंग से पूरे टाटा समूह की सात कंपनियों को ₹1.20 लाख करोड़ का फायदा मिलने का अनुमान है।

आरबीआई के निर्देश पर हो रही इस लिस्टिंग से पूरे टाटा समूह की सात कंपनियों को ₹1.20 लाख करोड़ का फायदा मिलने का अनुमान है।

HighLights

  1. टाटा संस का आईपीओ आरबीआई के निर्देश पर आ रहा है।

  2. टाटा स्टील और टाटा मोटर्स को ₹61,200 करोड़ का लाभ होगा।

  3. समूह की सात कंपनियों को कुल ₹1.20 लाख करोड़ का फायदा।

जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। देश के सबसे प्रतिष्ठित टाटा समूह की मुख्य होल्डिंग कंपनी टाटा संस (Tata Sons) के शेयर बाजार में लिस्ट होने की तैयारी ने लौहनगरी जमशेदपुर की दो प्रमुख कंपनियों टाटा स्टील और टाटा मोटर्स के लिए नए आर्थिक अवसरों के द्वार खोल दिए हैं। 
 
शेयर बाजार में टाटा संस के सूचीबद्ध होते ही दोनों कंपनियों की संपत्ति (वैल्यू) में संयुक्त रूप से लगभग 61200 करोड़ रुपये की भारी-भरकम बढ़ोतरी होगी।
 

क्या है वैल्यू अनलॉकिंग और कैसे मिलेगा फायदा?

वित्त विशेषज्ञों के अनुसार, इसे आसान भाषा में वैल्यू अनलॉकिंग (संपत्ति का वास्तविक मूल्य सामने आना) कहा जाता है।
 
रअसल, टाटा स्टील और टाटा मोटर्स दोनों के पास टाटा संस की 3.06-3.06 प्रतिशत हिस्सेदारी (शेयर) है। 
 
जब तक टाटा संस एक प्राइवेट अनलिस्टेड कंपनी है, तब तक इन शेयरों की कीमत कंपनियों की बैलेंस शीट में काफी मामूली दर्ज है।
 
लेकिन, शेयर बाजार में टाटा संस के सूचीबद्ध होते ही इन शेयरों का मूल्यांकन बाजार दर पर होगा। टाटा संस का कुल बाजार मूल्यांकन लगभग ₹10 लाख करोड़ आंका गया है। 
 
इस आधार पर टाटा स्टील और टाटा मोटर्स दोनों की 3.06 प्रतिशत हिस्सेदारी का बाजार मूल्य ₹30,600-30,600 करोड़ रुपये बैठेगा, जिससे दोनों कंपनियों के खाते में कुल ₹61,200 करोड़ का वास्तविक मूल्य जुड़ेगा।
 

क्यों आ रहा है टाटा संस का IPO?

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने टाटा संस को अपर लेयर NBFC (गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी) की श्रेणी में रखा है। आरबीआई के सख्त नियमों के अनुसार, इस श्रेणी में आने वाली कंपनियों के लिए तय समय सीमा के भीतर शेयर बाजार में लिस्ट होना अनिवार्य है। 
 
इसी नियम के अनुपालन में टाटा संस अपना बहुप्रतीक्षित आईपीओ (IPO) लाने जा रही है। जमशेदपुर में टाटा स्टील और टाटा मोटर्स के देश के सबसे बड़े विनिर्माण संयंत्र स्थित हैं। 
 
कंपनियों के खाते में ₹30-30 हजार करोड़ की संपत्ति जुड़ने से उनकी वित्तीय साख (क्रेडिट रेटिंग) काफी मजबूत होगी। इससे कंपनियों का कर्ज अनुपात कम होगा। 
 
जिससे भविष्य में नए प्लांट के विस्तार, आधुनिक तकनीक में निवेश और शहर में रोजगार की स्थिरता को मजबूती मिलेगी।
 

ग्रुप की 7 कंपनियों को ₹1.20 लाख करोड़ का कुल लाभ

टाटा संस की लिस्टिंग से समूह की कुल सात सूचीबद्ध कंपनियों को लगभग ₹1.20 लाख करोड़ का फायदा होने का अनुमान है:

  •     टाटा स्टील: ₹30,600 करोड़
  •     टाटा मोटर्स: ₹30,600 करोड़
  •     टाटा केमिकल्स: ₹25,300 करोड़
  •     टाटा पावर: ₹16,500 करोड़
  •     इंडियन होटल्स: ₹11,100 करोड़
  •     टाटा कंज्यूमर: ₹4,300 करोड़
  •     टाटा इन्वेस्टमेंट: ₹2,500 करोड़


अब इस ऐतिहासिक लिस्टिंग और IPO की रूपरेखा तय करने के लिए टाटा संस के निदेशक मंडल (बोर्ड) की आगामी बैठक पर पूरे आर्थिक व व्यापारिक जगत की निगाहें टिकी हुई हैं।

लेकिन, शेयर बाजार में टाटा संस के सूचीबद्ध होते ही इन शेयरों का मूल्यांकन बाजार दर पर होगा। टाटा संस का कुल बाजार मूल्यांकन लगभग ₹10 लाख करोड़ आंका गया है। 
 
इस आधार पर टाटा स्टील और टाटा मोटर्स दोनों की 3.06 प्रतिशत हिस्सेदारी का बाजार मूल्य ₹30,600-30,600 करोड़ रुपये बैठेगा, जिससे दोनों कंपनियों के खाते में कुल ₹61,200 करोड़ का वास्तविक मूल्य जुड़ेगा।