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Tata Power Tariff Case: बिजली आयोग ने मांगी बॉयलर-टर्बाइन सुरक्षा और फैक्टरी इंस्पेक्टर की रिपोर्ट, 29 सितंबर को अगली सुनवाई

By Pradeep SinghEdited By: Sanjeev Kumar
Published: Mon, 21 Sep 2026 08:54 PM (IST)

झारखंड राज्य विद्युत नियामक आयोग (JSERC) ने टाटा पावर के टैरिफ मामले की सुनवाई करते हुए प्लांट की सुरक्षा और अवशिष्ट आयु आकलन (RLA) पर कड़ा रुख अपनाया है।

आयोग ने कंपनी से स्पष्ट करने को कहा है कि प्लांट में कार्यरत कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए कौन-कौन से ठोस उपाय अपनाए जा रहे हैं।

आयोग ने कंपनी से स्पष्ट करने को कहा है कि प्लांट में कार्यरत कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए कौन-कौन से ठोस उपाय अपनाए जा रहे हैं।

HighLights

  1. JSERC ने टाटा पावर से प्लांट RLA प्रक्रिया पूरी करने को कहा।

  2. बॉयलर, टर्बाइन, जेनरेटर की स्थिति पर अनुपूरक शपथपत्र दाखिल करने का निर्देश।

  3. कर्मचारी सुरक्षा और फैक्टरी इंस्पेक्टर की रिपोर्ट भी आयोग ने तलब की।

जासं, जमशेदपुर। टाटा पावर कंपनी लिमिटेड से जुड़े बिजली टैरिफ मामले की सुनवाई करते हुए झारखंड राज्य विद्युत नियामक आयोग (JSERC) ने प्लांट की सुरक्षा और अवशिष्ट आयु आकलन (रेजिडुअल लाइफ असेसमेंट - RLA) पर कड़ा रुख अपनाया है। 
 
आयोग ने कंपनी को पूरे पावर प्लांट के आरएलए (RLA) की प्रक्रिया पूरी करने की समयसीमा के साथ-साथ बॉयलर, टर्बाइन और जेनरेटर की स्थिति से संबंधित अनुपूरक शपथपत्र दाखिल करने का निर्देश दिया है।
 

कर्मचारी सुरक्षा और फैक्टरी इंस्पेक्टर की रिपोर्ट तलब 

आयोग ने कंपनी से स्पष्ट करने को कहा है कि प्लांट में कार्यरत कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए कौन-कौन से ठोस उपाय अपनाए जा रहे हैं।
 
इसके साथ ही फैक्टरी इंस्पेक्टर की नवीनतम रिपोर्ट भी आयोग के समक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। मामले की अगली सुनवाई 29 सितंबर 2026 को दोपहर 2:00 बजे होगी।
 

उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए न्यायमित्र नियुक्त 

यह मामला (केस संख्या 18/2026) टाटा पावर द्वारा टैरिफ से संबंधित आयोग के फैसले को दी गई चुनौती से जुड़ा है। 
 
सुनवाई के दौरान अध्यक्ष जस्टिस नवनीत कुमार और सदस्य (विधि) महेंद्र प्रसाद की पीठ ने पाया कि समाचार पत्रों में जन-नोटिस के बावजूद कोई उपभोक्ता प्रतिनिधि उपस्थित नहीं हुआ।
 
इसके बाद आयोग ने उपभोक्ताओं के हितों की पैरवी और निष्पक्ष सहायता के लिए अधिवक्ता श्वेता रानी को न्यायमित्र (एमिकस क्यूरी) नियुक्त किया। न्यायमित्र की कानूनी फीस (₹5,000 प्रति पेशी) वहन करने पर टाटा पावर ने भी अपनी सहमति जताई है।
 
टाटा पावर के अधिवक्ताओं ने आयोग को आश्वस्त किया कि वे जल्द ही निर्धारित समयसीमा, सुरक्षा मानकों और फैक्टरी इंस्पेक्टर की रिपोर्ट के साथ विस्तृत अनुपूरक शपथपत्र दाखिल करेंगे।