Tata Power लाएगी नॉर्वे की अत्याधुनिक फ्लोटिंग सोलर तकनीक, भारत में पानी पर तैरने वाली झिल्ली से बनेगी बिजली
टाटा पावर ने नॉर्वे की ओशन सन के साथ मिलकर भारत में अत्याधुनिक झिल्ली आधारित फ्लोटिंग सोलर तकनीक लाने का समझौता किया है।

पानी के सीधे संपर्क में रहने के कारण पैनलों को लगातार प्राकृतिक ठंडक मिलती रहती है।
HighLights
टाटा पावर, ओशन सन ने की फ्लोटिंग सोलर तकनीक की साझेदारी।
मुल्शी जलाशय पर 300 kWp का पायलट संयंत्र स्थापित होगा।
झिल्ली आधारित तकनीक से सौर पैनलों की कार्यक्षमता बढ़ेगी।
जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। नवीकरणीय ऊर्जा (रिन्यूएबल एनर्जी) के क्षेत्र में भारत ने एक और बड़ी तकनीकी उपलब्धि हासिल की है।
टाटा पावर ने नॉर्वे की अग्रणी सोलर कंपनी 'ओशन सन' (Ocean Sun) के साथ मिलकर अत्याधुनिक 'मेंब्रेन-बेस्ड' (झिल्ली आधारित) फ्लोटिंग सोलर तकनीक को भारत लाने के लिए समझौता किया है।
दूसरे भारत-ईएफटीए (EFTA) समृद्धि शिखर सम्मेलन के दौरान हस्ताक्षरित इस करार के तहत महाराष्ट्र स्थित मुल्शी जलाशय पर 300 किलोवाट पीक (kWp) क्षमता का एक पायलट संयंत्र स्थापित किया जाएगा।
कैसे काम करती है पानी पर तैरती झिल्ली आधारित तकनीक?
पारंपरिक फ्लोटिंग सोलर प्लांट्स में भारी-भरकम पांटून (तैरते ढांचों) का उपयोग करना पड़ता है, जो न केवल काफी खर्चीले होते हैं बल्कि इनका रखरखाव भी जटिल होता है।
इसके विपरीत, ओशन सन की पेटेंट तकनीक में सौर पैनलों को पानी की सतह पर तैरने वाली एक बेहद पतली, मजबूत और लचीली हाइड्रो-इलास्टिक झिल्ली (Membrane) पर सीधे बिछाया जाता है।
पानी के सीधे संपर्क में रहने के कारण पैनलों को लगातार प्राकृतिक ठंडक मिलती रहती है। वैज्ञानिक दृष्टिकोण से, अत्यधिक गर्म होने पर सोलर सेलों की कार्यक्षमता घटने लगती है, जबकि पानी की प्राकृतिक ठंडक से बिजली उत्पादन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होती है।
इसके अतिरिक्त, जलाशय की सतह ढकी रहने से पानी का वाष्पीकरण रुकता है और भूमि अधिग्रहण की जटिल समस्या पूरी तरह समाप्त हो जाती है।
मुल्शी जलाशय में इस पायलट प्रोजेक्ट को ऊर्जा उत्पादन क्षमता, प्लांट लोड फैक्टर (PLF) और रखरखाव के मानकों पर परखा जाएगा।
भारत में 102 गीगावाट की विशाल क्षमता, साबित होगी गेमचेंजर
राष्ट्रीय सौर ऊर्जा संस्थान (NISE) के आकलन के अनुसार, भारत में जल निकायों पर 102 गीगावाट से अधिक फ्लोटिंग सोलर उत्पादन की अपार संभावनाएं मौजूद हैं।
टाटा पावर के सीईओ एवं प्रबंध निदेशक प्रवीर सिन्हा ने कहा कि यह साझेदारी भारतीय परिस्थितियों के अनुकूल, लागत प्रभावी, टिकाऊ और बड़े पैमाने पर स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन के नए मार्ग प्रशस्त करेगी।
वहीं, ओशन सन के सीईओ क्रिस्टियन टोर्वोल्ड ने भारत को वैश्विक सौर ऊर्जा का सबसे बड़ा और तेजी से बढ़ता बाजार बताया। केंद्रीय वाणिज्य मंत्रालय और इन्वेस्ट इंडिया के सहयोग से शुरू हुआ यह प्रोजेक्ट भारतीय स्वच्छ ऊर्जा क्रांति में एक अहम मील का पत्थर साबित होगा।
