जमशेदपुर, जागरण संवाददाता। टाटा मोटर्स में उत्पादन की गाड़ी पूर्व की तरह पटरी पर लौट रही है। जैसे-जैसे कोरोना का असर कम होता जा रहा है कंपनी के उत्पादन में भी इजाफा होने लगा है। चालू माह अक्टूबर में दस हजार वाहन बनाने का शिड्यूल है, जो घट-बढ़ सकता है। कई महीने बाद यह उत्पादन का आंकड़ा यहां तक पहुंच पाया है। बीते माह सितंबर में आठ हजार तो अगस्त में साढ़े सात हजार ही वाहन बनाए गए थे। कोरोना काल में जहां एक दिन में 50 से एक सौ गाड़ियों की बुकिंग होती थी वहां अब 250 से लेकर 300 गाड़ियां प्रतिदिन डिस्पैच हो रही है। कान्वाई चालकों को अब पूर्व की तरह काम मिलने लगा है।

कोरोना को लेकर कंपनी के कल-पूर्जे में हो रही परेशानी आज तक दूर नहीं हो रही है। कई माह से मांग के अनुरूप दूसरे प्रांत से जरूरत के मुताबिक राॅ-मैटेरियल नहीं मिल रहा है। इसी वजह से कंपनी का उत्पादन का भी प्रभावित रहा है। इधर जैसे-जैसे कोरोना का कहर कम हाे रहा है,दूसरे प्रांत से मेटैरियल समय पर आने लगा है। फिर इधर गाड़ियों की मांग भी बाजार में बढ़ी है। दुर्गापूजा को लेकर गाड़ियों की बिक्री बढ़ी है तो उत्पादन भी पहले से ज्यादा बढ़ गया है।

अनुषंगी इकाइयों में आएगी बहार, काम पर लौट रहे कर्मचारी

टाटा मोटर्स जमशेदपुर प्लांट का उत्पादन बढ़ा है। यह आंकड़ा घट-बढ़ भी सकता है। बीते सितंबर माह में आठ हजार से ज्यादा वाहन बने हैं। टाटा मोटर्स का उत्पादन बढ़ने के साथ ही अनुषंगी इकाईयों का उत्पादन बढ़ जाएगा। टाटा कमिंस व स्टील स्ट्रिप्स व्हील्स कंपनी में भी उत्पादन बढ़ गया है। टाटा कमिंस में इंजन तो स्टील स्ट्रिप्स में व्हील्स बनाए जाते हैं।ऐसे में टाटा कमिंस में नौ हजार इंजन तो स्टी ल स्ट्रिप्स में 30 हजार पहिया बनाने का आर्डर है। उधर, टाटा मोटर्स का उत्पादन बढ़ने का सीधा असर आदित्यपुर स्थित लधु व मध्यम कल-कारखानों पर पड़ा है। भारी मात्रा में वहां आर्डर मिले हैं जिससे वहां के मजदूरों को काम मिल रहा है। काम से बैठाए गए कर्मियों की वापसी होने लगी है। आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र में जहां कोरोना को लेकर विरानगी का महौल था वहां अब खुशहाली दिखने लगी है।

 

Edited By: Rakesh Ranjan