टाटा मोटर्स जमशेदपुर में जल्द बोनस समझौते पर लग सकती है मुहर, 8000 कर्मचारियों को मिलेगा लाभ
टाटा मोटर्स जमशेदपुर प्लांट में बहुप्रतीक्षित बोनस समझौते पर सोमवार को मुहर लग सकती है। डीमर्जर के बाद यह पहला समझौता होगा, जिससे लगभग 8,000 कर्मचारियों को लाभ मिलेगा।

टाटा मोटर्स के जमशेदपुर प्लांट में सोमवार को बोनस समझौते पर मुहर लग सकती है।
HighLights
टाटा मोटर्स जमशेदपुर में बोनस समझौते पर सोमवार को मुहर संभव।
डीमर्जर के बाद यह प्लांट का पहला बोनस समझौता होगा।
जासं, जमशेदपुर। टाटा मोटर्स के जमशेदपुर प्लांट में बहुप्रतीक्षित बोनस समझौते पर सोमवार को आधिकारिक मुहर लग सकती है।
शनिवार को कंपनी प्रबंधन और टाटा मोटर्स वर्कर्स यूनियन के बीच दो दौर की गहन वार्ता के बाद कई मुख्य बिंदुओं पर सैद्धांतिक सहमति बन चुकी है।
डीमर्जर के बाद पहला बोनस समझौता
टाटा मोटर्स के वाणिज्यिक भारी वाहन (कमर्शियल व्हीकल) व यात्री वाहन (पैसेंजर व्हीकल) के डीमर्जर के बाद जमशेदपुर प्लांट का यह पहला बोनस समझौता है।
चूंकि कर्मचारियों को वित्तीय वर्ष 2025-26 के प्रदर्शन के आधार पर बोनस मिलना है और कंपनी का पुनर्गठन 1 अक्टूबर 2025 को प्रभावी हुआ था।
इसलिए कंपनी के पांचों प्लांटों (अहमदाबाद, पंतनगर, लखनऊ, पुणे व जमशेदपुर) की छह महीने की एकीकृत वित्तीय रिपोर्ट और शेष छह महीने के जमशेदपुर प्लांट के विवरण को आधार बनाकर वार्ता चल रही है।
शनिवार को प्लांट हेड अनुराग छारिया, एचआर हेड प्रणव कुमार व ईआर सौमिक राय के साथ यूनियन अध्यक्ष शशि भूषण प्रसाद और महामंत्री आरके सिंह के बीच सुबह व शाम दो चरणों में मैराथन बैठक हुई।
पुराने फार्मूले पर ही हो रही है चर्चा
यह वार्ता पूर्व निर्धारित फार्मूले के तहत उत्पादन, गुणवत्ता, सुरक्षा और मुनाफे को आधार मानकर की जा रही है। माना जा रहा है कि अगले वित्तीय वर्ष से नए फार्मूले पर चर्चा होगी।
टाटा मोटर्स कमर्शियल व्हीकल सेगमेंट ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में समेकित रूप से 3,030 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा अर्जित किया है। इस वर्ष प्लांट के लगभग 8,000 स्थायी कर्मचारियों को बोनस का लाभ मिलेगा।
यूनियन पर नहीं है स्थायीकरण का दबाव
हाईकोर्ट के आदेश के बाद बाय-सिक्स कर्मचारी समाप्त होकर स्थायी हो चुके हैं, इसलिए इस बार यूनियन नेतृत्व पर स्थायीकरण का अतिरिक्त दबाव नहीं है।
गौरतलब है कि बीते वित्तीय वर्ष 2024-25 में कर्मचारियों को 12.3 प्रतिशत बोनस मिला था, जिसमें न्यूनतम 50,160 रुपये और अधिकतम 75,223 रुपये की राशि दी गई थी।
पिछले 10 वर्षों के बोनस का विवरण
वित्तीय वर्ष बोनस (%) औसतन राशि (₹) अधिकतम राशि (₹)
- 2015–16 12.00% 16,200 33,150
- 2016–17 10.00% 17,893 36,018
- 2017–18 12.20% 23,231 46,321
- 2018–19 12.90% 19,000 49,000
- 2019–20 10.00% 32,900 46,001
- 2020–21 10.60% 38,200 50,200
- 2021–22 10.67% 38,200 51,500
- 2022–23 11.50% 43,000 57,900
- 2023–24 11.00% 46,418 63,872
- 2024–25 12.30% 50,160 75,223
