जमशेदपुर, जासं। कोरोना काल में पैसेंजर कारों की मांग कमोबेश ठीक-ठाक रही, लेकिन कॉमर्शियल व्हीकल की मांग बिल्कुल सुस्त पड़ गई थी। महामारी की वजह से इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में मंदी आने का सीधा असर कमर्शियल व्हीकल की मांग पर दिखाई दिया। अब चूंकि तीसरी लहर भी पार हो रही है, तो अधिकांश सेक्टर को लॉकडाउन होने का भय भी समाप्त हो रहा है। ऐसे में एक बार फिर धीरे-धीरे ही सही कमर्शियल व्हीकल की मांग बढ़ रही है।

ऑटोमोबाइल दिग्गज टाटा मोटर्स ने भी कहा है कि ई-कॉमर्स क्षेत्र से स्वस्थ मांग के साथ-साथ केंद्र सरकार के इंफ्रा पुश ने कमर्शियल व्हीकल (सीवी) सेक्टर में धीरे-धीरे सुधार किया है।

टाटा मोटर्स के कार्यकारी निदेशक गिरीश वाघ ने कहा है कि आर्थिक गतिविधि में वृद्धि के कारण सुधार शुरू हुआ है, जिसने एक मजबूत ग्रामीण अर्थव्यवस्था के साथ-साथ सीवी की बिक्री को प्रेरित किया है।

छोटे, मध्यम व भारी वाहनों की बढ़ रही बिक्री

कोराेना का खौफ लगभग समाप्त होने के साथ ही एफएमसीजी, एफएमसीडी, एग्रो सप्लाई समेत अन्य ई-कॉमर्स उत्पादों में बढ़ी गतिविधि से छोटे (एससीवी), मध्यम और हल्के वाणिज्यिक वाहनों में मांग में वृद्धि के लिए प्रमुख उत्प्रेरक रही है। इसके साथ-साथ एम एंड एचसीवी (मध्यम और भारी वाणिज्यिक वाहन) ने निर्माण, खनन और ई-कॉमर्स क्षेत्रों से मांग में धीरे-धीरे वृद्धि हो रही है। निकट भविष्य में कमर्शियल व्हीकल की मांग बढ़ाने के लिए केंद्र की हाल ही में घोषित स्क्रैपेज पॉलिसी और प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव स्कीम (पीएलआइ) भी कारगर रही।

इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में और तेजी की जरूरत

कमर्शियल व्हीकल की मांग में माल ढुलाई और डीजल की दर में आंशिक कमी से उम्मीद जगी है। हालांकि अभी भी ट्रांसपोर्टर को मुनाफा कम हो रहा है। इसके बावजूद इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में विकास, खनन, सीमेंट और स्टील जैसे क्षेत्रों से बेहतर माल ढुलाई की मांग अच्छी है। इसके बावजूद सीवी उद्योग के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में और तेजी की जरूरत है।

अवसर लपकने के लिए टाटा मोटर्स तैयार

गिरीश वाघ के मुताबिक बाजार की स्थिति में सुधार हो रहा है। कंपनी आशावादी है, क्योंकि बेसिक इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में तेजी दिख रही है। इस अवसर के लिए टाटा मोटर्स तैयार है। वैसे भी कमर्शियल व्हीकल के बाजार में टाटा मोटर्स की बड़ी हिस्सेदारी है।

कंपनी ने हाल ही में 21 वाहनों का अनावरण किया। सरकार ने वित्त वर्ष 24 तक 102 लाख करोड़ रुपये की नेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर पाइपलाइन (एनआइपी) की घोषणा की है। यह बुनियादी ढांचे पर तीव्र ध्यान देने के साथ वित्त वर्ष 22 के लिए कैपेक्स आवंटन में सालाना 26 प्रतिशत की वृद्धि लघु से मध्यम अवधि में एम एंड एचसीवी की बिक्री में सहयोग करेगा।

Edited By: Jitendra Singh