जमशेदपुर : टाटा मोटर्स ने वर्ष 2021 में इलेक्ट्रिक व्हीकल टाटा नेक्सॉन को बाजार में उतारा और मार्केट लीडर बन गई। कंपनी कंपनी ने रिकार्ड समय में इस की बिक्री करते हुए इलेक्ट्रिक व्हीकल सेगमेंट में 60 प्रतिशत हिस्सेदारी पर कब्जा जमाया। इस कार की इतनी ज्यादा डिमांड है कि कई कस्टमर अब भी वेटिंग में है। इसके बावजूद टाटा मोटर्स ने अपने इस कार को अपग्रेड किया है जिससे न सिर्फ कार की बैटरी बेहतर हुई बल्कि अब नए वर्जन की कार ज्यादा किलोमीटर का माइलेज देगी।

नए वर्जन में लगाई गई है बड़ी बैटरी

टाटा नेक्सॉन में 30.2 किलोवॉट क्षमता वाली बैटरी लगाई जाती थी जिसकी मदद से कार को एक बार फुल चार्ज करने पर 300 किलोमीटर का माइलेज देती देती है। लेकिन नए वर्जन की कार में 40 किलोवॉट की बड़ी बैटरी लगाई गई है जिसकी मदद से कार लगभग 400 किलोमीटर तक का माइलेज देगी। कंपनी प्रबंधन का मानना है कि नेक्सॉन ईवी की सफलता का राज प्राइस टू रेंज है जो खरीदारों के बजट में है।

कंपनी बेहतर कर रही है इंफ्रास्ट्रक्चर

शुरूआती दिनों में टाटा नेक्सॉन को सिटी राइड व्हीकल का तमगा दिया जा रहा था जो एक बार चार्ज करने पर 180 से 200 किलोमीटर का ही माइलेज देती थी। लेकिन कार की लोकप्रियता बढ़ने के साथ-साथ टाटा मोटर्स प्रबंधन चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर में भी लगातार सुधार कर रही है। जिसकी मदद से अब नेक्सॉन ईवी वाले कार चालक आउट स्टेशन भी जा रहे हैं। कंपनी ने अब अपने कार को जिस तरह से अपग्रेड किया है उससे वे अब और लंबी दूरी तक यात्रा कर सकेंगे।

नए वर्जन में किया गया है ये बदलाव

टाटा नेक्सॉन ईवी के नए वर्जन में बैटरी की क्षमता को बढ़ाकर 40 किलोवॉट किया गया है जो 30 प्रतिशत ज्यादा माइलेज देगी। कार में बड़ी बैटरी लगने से बूट स्पेस को थोड़ा कम किया गया है। साथ कार का वजन भी 100 किलोग्राम तक बढ़ने की उम्मीद है। उच्च क्षमता वाली बैटरी का आधिकारिक परीक्षण के दौरान इस कार के माइलेज को 400 किलोमीटर से अधिक लेकर जाने की उम्मीद है। हालांकि एक बार चार्ज करने पर यह 300 से 320 किलोमीटर का माइलेज आराम से देगी।

इसके अलावा नए वर्जन में रीन-जेन मोड दिया गया है जो तेज रफ्तार कार में ब्रेक के घर्षण को कम करेगा। इसके अलावा इंटिरीयर में कुछ बदलाव किया गया है। इसके अलावा नए वर्जन की कार में एलॉय व्हील होंगे। इसके अलावा चर्चा है कि नए वर्जन वाली कार में इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी प्रोग्राम (ईएसपी) से जोड़ा जा रहा है।

हालांकि अपग्रेड वर्जन में कार की कीमत तीन से चार लाख रुपये तक बढ़ने का अनुमान है। हालांकि नए वर्जन की कार भी 17 से 18 लाख रुपये की अनुमानित कीमत प्रतिद्वंद्वी कंपनियों के ईवी कार से कम ही रहेगी। हालांकि टाटा मोटर्स की प्रतिद्वंद्वी कंपनियां जैसे एमजी जेडएस ईवी और हुंडई कोना ईवी भी समान रेंज वाली बैटरी के साथ कार बाजार में उतारने का दावा कर रही है।

कंपनी ने किया है 7500 करोड़ रुपये का निवेश

टाटा मोटर्स ने अपने ईवी सेंगमेंट में शुरूआती दिनों से ही आक्रमण बढ़त बनाए हुए है। ऐसे में टाटा मोटर्स प्रबंधन ने अपने पैसेंजर इलेक्ट्रिक मोबिलिटी में 11 से 15 प्रतिशत की हिस्सेदारी के लिए 7500 करोड़ रुपये निवेश की योजना बनाई है। कंपनी ने वर्ष 2026 तक 10 नए ईवी मॉडल को बाजार में उतारने की घोषणा की है। नए निवेश में कंपनी प्रबंधन नए डिजाइन और नई टेक्नोलॉजी पर खास तौर पर फोकस कर रही है।

Edited By: Jitendra Singh