जमशेदपुर। सुपर ऐप लॉन्च करने की महत्वाकांक्षी योजना के साथ टाटा ग्रुप टाटा हेल्थ के माध्यम से हेल्थकेयर सेगमेंट पर बड़ा दांव लगाने जा रहा है। टाटा हेल्थ टेली कंसल्टेशन सेवाएं प्रदान करता है और भविष्य में इसका लक्ष्य अपने ग्राहकों के लिए गैर-संचारी रोगों (Non-Communicable Diseases) से मुक्ति दिलाना है।

1,200 करोड़ रुपये के टेली कंसल्टेशन बाजार पर नजर

टाटा समूह ने पहले ही ऑनलाइन फ़ार्मेसी 1mg में बहुमत हिस्सेदारी हासिल कर ली है, जिसे टाटा हेल्थ एप्लिकेशन पर एक फार्मेसी पार्टनर के रूप में शामिल किया गया है।

टाटा हेल्थ के एक अधिकारी के अनुसार, समूह की अब 1,200 करोड़ रुपये के टेली कंसल्टेशन बाजार पर नजर है और इस वित्तीय वर्ष के अंत तक 10% बाजार हिस्सेदारी हासिल करने की उम्मीद है।

कंपनी ने टेलीकंसल्टेशन के साथ शुरुआत की है ताकि उपयोगकर्ताओं को अपने प्लेटफॉर्म से परिचित कराया जा सके और इसके भविष्य के लिए एल्गोरिदम वाली एक डेटाबेस बनाया जा सके।

Predictive Healthcare के लिए तैयार हो रहा डेटा

टाटा हेल्थ के अधिकारी ने बताया कि बहुत सी स्वास्थ्य सेवा जो हम देखते हैं वह रिएक्टिव होता है। यानी जब कोई व्यक्ति बीमार पड़ता है तब आप डॉक्टर के पास जाते हैं। मूल धारणा यह है कि अगर हम उस व्यक्ति को बेहतर ढंग से समझ सकते हैं, तो हम बीमारी को जल्दी पकड़ने और पुरानी बीमारी को रोकने में सक्षम होंगे।

Predictive Healthcare को पटरी पर लाने के लिए 3-15 साल लग सकते हैं।

यह मधुमेह और कैंसर जैसे गैर-संचारी (नन रिएक्टिव) रोगों की भविष्यवाणी करने में मदद कर सकता है। हम जिस चीज में प्रवेश कर रहे हैं, वह नए भारत के लिए एक ऑनलाइन मोड में एक पारिवारिक डॉक्टर बनना है। तब हम भविष्य कहनेवाला, निवारक और व्यक्तिगत स्वास्थ्य सेवा प्रदान करते हुए इसे दूर करने में सक्षम हो सकते हैं।

टाटा हेल्थ प्लेटफॉर्म के प्रचार के लिए 150 करोड़

टाटा समूह तीन साल पुराने टाटा हेल्थ प्लेटफॉर्म का प्रचार प्रसार के लिए 150 करोड़ रुपये का निवेश करेगी ताकि ग्राहकों की संख्या बढ़ सके। वर्तमान में, टाटा हेल्थ के प्लेटफॉर्म पर लगभग 800,000 ग्राहक हैं। कोविड -19 महामारी के कारण टेलीमेडिसीन का बाजार का ग्राफ बढ़ गया। टाटा हेल्थ लगभग 250 लोगों को रोजगार देती है। इसमें लगभग 100 सामान्य चिकित्सक हैं और परामर्श के लिए लगभग 350 विशेषज्ञ उपलब्ध हैं।

 

200 प्रतिशत की दर से बढ़ रही ग्राहकों की संख्या

प्लेटफॉर्म पर नए ग्राहकों की संख्या हर साल 200 फीसदी की दर से बढ़ रही है। हालांकि, प्रैक्टो, डॉक्सऐप और एमफाइन जैसे बाजारों के वर्चस्व वाले बाजार में इसकी हिस्सेदारी नगण्य है। संयोग से, 1mg अपने प्लेटफॉर्म पर टेलीकंसल्टेशन सेवाएं भी प्रदान कर रहा है।

प्रैक्सिस की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, भारत में ऑनलाइन स्वास्थ्य परामर्श बाजार वित्त वर्ष 2011 में लगभग 1200 करोड़ रुपये का था और वित्त वर्ष 24 तक बढ़कर 6000 करोड़ रुपये हो सकता है। वित्त वर्ष 2011 में भारत में कुल आउट पेशेंट परामर्श बाजार लगभग 76, 700 करोड़ रुपये का था।

Edited By: Jitendra Singh