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चंद्रशेखरन के कार्यकाल में टाटा समूह में 12000 विसलब्लोअर शिकायतें, टाटा स्टील में 2646 तो टाटा मोटर्स में 1112 कंप्लेन

Published: Fri, 02 Oct 2026 07:06 PM (IST)

टाटा समूह में एन चंद्रशेखरन के दूसरे कार्यकाल में विसलब्लोअर शिकायतों का आंकड़ा 12 हजार पार कर गया है, जिसमें ...और पढ़ें

चंद्रशेखरन के कार्यकाल में टाटा समूह में 12 हजार से अधिक विसलब्लोअर शिकायतें दर्ज।

चंद्रशेखरन के कार्यकाल में टाटा समूह में 12 हजार से अधिक विसलब्लोअर शिकायतें दर्ज।

HighLights

  1. टाटा समूह में 12 हजार से अधिक विसलब्लोअर शिकायतें दर्ज हुईं।

  2. टाटा स्टील में 2646 और टाटा मोटर्स में 1112 शिकायतें मिलीं।

  3. शिकायतों की जांच स्वतंत्र ऑडिट कमेटी द्वारा की गई।

जितेंद्र सिंह, जमशेदपुर। टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन के दूसरे कार्यकाल (वित्त वर्ष 2022 से अब तक) में टाटा समूह के भीतर विसलब्लोअर व्यवस्था के तहत दर्ज शिकायतों का आंकड़ा 12 हजार पार कर गया है। औद्योगिक नगरी जमशेदपुर की दो प्रमुख धुरी, टाटा स्टील में 2,646 और टाटा मोटर्स में 1,112 आंतरिक शिकायतें दर्ज की गईं।

दोनों कंपनियों को मिलाकर कुल 3,758 मामले सामने आए हैं। समूह की वार्षिक रिपोर्ट के बिजनेस रिस्पांसिबिलिटी एंड सस्टेनेबिलिटी रिपोर्ट (बीआरएसआर) के अनुसार, पूरे समूह में दर्ज कुल शिकायतों का 80 प्रतिशत हिस्सा बीते तीन वर्षों (वित्त वर्ष 2024 से 2026) के दौरान सामने आया है।

सप्लाई चेन, खरीद प्रक्रिया और आचार संहिता पर उठे सवाल

जमशेदपुर, पुणे, कलिंगानगर व पंतनगर संयंत्रों से जुड़ी इन शिकायतों का बड़ा दायरा आपूर्ति शृंखला (सप्लाई चेन) और परिचालन से संबंधित रहा। इनमें मुख्य रूप से सामग्री खरीद प्रक्रिया, आटो कंपोनेंट व कच्चा माल आपूर्ति में कथित पक्षपात, वेंडर आवंटन में विसंगतियां, ठेका श्रमिकों के बिलिंग विवाद और टाटा आचार संहिता (टीसीओसी) के उल्लंघन के मामले शामिल थे।

ये आपत्तियां कर्मचारियों, वेंडरों और ठेकेदारों ने दर्ज कराईं। इसमें शेयरधारकों व ग्राहकों के सामान्य विवाद शामिल नहीं हैं। शहर के वित्त विशेषज्ञ अजय श्रीवास्तव के अनुसार, शिकायतों की यह संख्या किसी कमजोरी के बजाय समूह में कर्मचारियों के निडर होकर आवाज उठाने और एक सक्रिय, पारदर्शी निगरानी तंत्र की मजबूती को दर्शाती है।

गोपनीय पोर्टल से दर्ज हुईं शिकायतें, फारेंसिक टीम ने की जांच

कंपनियों ने निष्पक्ष निगरानी के लिए स्वतंत्र एजेंसी द्वारा संचालित बहुभाषी गोपनीय पोर्टल, सुरक्षित ईमेल और 24 घंटे सक्रिय हेल्पलाइन की व्यवस्था की है, जहां पहचान पूरी तरह गोपनीय रहती है। शिकायत दर्ज होते ही कंपनी के चीफ एथिक्स काउंसलर की देखरेख में प्राथमिक समीक्षा की गई।

पर्याप्त आधार मिलने पर फारेंसिक व विजिलेंस विशेषज्ञों की टीम ने जमीनी स्तर पर दस्तावेजों व खातों का स्वतंत्र आडिट किया। अंतिम रिपोर्ट सीधे बोर्ड की स्वतंत्र आडिट कमेटी को सौंपी गई। जांच में आरोप सही पाए जाने पर दागी वेंडरों को ब्लैकलिस्ट करने, टेंडर निरस्त करने और दोषी कर्मियों की सेवा समाप्ति जैसी सख्त कार्रवाई की गई।

पारदर्शी गवर्नेंस और मजबूत तंत्र का संकेत

समूह में टीसीएस 5,089 शिकायतों के साथ शीर्ष पर रही, जबकि ट्रेंट में 1,924 मामले दर्ज हुए। वित्त वर्ष 2022 में जहां समूह में 1,323 शिकायतें थीं, वहीं वित्त वर्ष 2026 में यह उछलकर रिकॉर्ड 3,500 पर पहुंच गईं। सेबी के मानकों के तहत सार्वजनिक हुए ये आंकड़े नोएल टाटा के नेतृत्व वाले टाटा ट्रस्ट और टाटा संस के बीच जारी कारपोरेट विमर्श के बीच सामने आए हैं।