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ग्रेट ब्रिटेन के साथ Tata Group का बड़ा करार: रीसाइक्लिंग तकनीक और एआई आधारित स्मार्ट ग्रिड से भारत में दौड़ेगी ग्रीन बिजली

Published: Tue, 13 Oct 2026 07:49 PM (IST)

टाटा स्टील और टाटा पावर ने ब्रिटेन के साथ दो ऐतिहासिक साझेदारियां की हैं, जिनका उद्देश्य औद्योगिक कचरे को रीसाइकिल ...और पढ़ें

टाटा स्टील ने ब्रिटेन सरकार और प्रतिष्ठित रायल एकेडमी ऑफ इंजीनियरिंग के साथ तीन साल की अंतरराष्ट्रीय साझेदारी की है

टाटा स्टील ने ब्रिटेन सरकार और प्रतिष्ठित रायल एकेडमी ऑफ इंजीनियरिंग के साथ तीन साल की अंतरराष्ट्रीय साझेदारी की है

HighLights

  1. टाटा पावर, इंपीरियल कॉलेज संग स्मार्ट ग्रिड विकसित करेगा।

  2. भारत में हरित ऊर्जा, नेट-जीरो लक्ष्य में सहायक होगा।

जासं, जमशेदपुर। औद्योगिक कचरे को रीसाइकिल करने और कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने की दिशा में टाटा स्टील तथा टाटा पावर ने ब्रिटेन के साथ मिलकर दो ऐतिहासिक साझेदारियों का ऐलान किया है। 
 
इन समझौतों से न सिर्फ भारत में हरित ऊर्जा और सस्टेनेबल तकनीक को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि कार्बन न्यूट्रल भविष्य की दिशा में भी बड़ा बदलाव आएगा।
 

1. टाटा स्टील, यूके सरकार और राॅयल एकेडमी की ₹30 करोड़ की साझेदारी 

टाटा स्टील ने ब्रिटेन सरकार और प्रतिष्ठित रायल एकेडमी ऑफ इंजीनियरिंग के साथ तीन साल की अंतरराष्ट्रीय साझेदारी की है। 
इस पहल का मुख्य उद्देश्य सर्कुलर मटेरियल्स (अनुपयोगी व रीसाइकिल सामग्री) को उन्नत तकनीक के जरिए मजबूत निर्माण उत्पादों में तब्दील करना है, जिससे प्राकृतिक संसाधनों की बर्बादी रोकी जा सके।
 
  • निवेश और प्रोजेक्ट्स: इस संयुक्त पहल में यूके सरकार लगभग 20 करोड़ रुपये (1.9 मिलियन पाउंड) और टाटा स्टील करीब 10.5 करोड़ रुपये (1 मिलियन पाउंड) का निवेश करेगी। 
  • फंडिंग और इंक्य्यूबेशन: अप्रैल 2027 से शुरू होने वाले इस कार्यक्रम के तहत 15 शोध प्रोजेक्ट्स चुने जाएंगे, जिनमें से प्रत्येक को ₹1 से ₹1.5 करोड़ की वित्तीय सहायता मिलेगी। इन प्रोजेक्ट्स का संचालन भारत और ब्रिटेन के विश्वविद्यालय तथा शोध संस्थान मिलकर करेंगे। 
  • अत्याधुनिक लैब सुविधाएं: टाटा स्टील के वाइस प्रेसिडेंट (टेक्नोलाजी व आरएंडडी) सुबोध पांडेय ने बताया कि कंपनी शोध दलों को फंडिंग के साथ-साथ अपनी अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं, परीक्षण सुविधाएं और विशेषज्ञों का मार्गदर्शन भी उपलब्ध कराएगी।
 

2. टाटा पावर और इंपीरियल कॉलेज लंदन का करार 

भारत में बिजली आपूर्ति प्रणाली को अधिक आधुनिक और लचीला बनाने के लिए टाटा पावर ने ब्रिटेन के विश्वप्रसिद्ध इंपीरियल कॉलेज लंदन के साथ हाथ मिलाया है। 
 
इस तकनीकी संगम से देश में 'नेक्स्ट-जेन एनर्जी सिस्टम' तैयार होगा, जो भारत के 2070 तक 'नेट-जीरो' (शून्य कार्बन) लक्ष्य को हासिल करने में मददगार साबित होगा।
 
  • स्मार्ट ग्रिड और ब्लैकआउट से मुक्ति: एआई आधारित स्मार्ट ग्रिड पीक आवर्स में बिजली की खपत और आपूर्ति का संतुलन खुद साधेंगे। इससे सौर व पवन ऊर्जा को अत्याधुनिक बैटरी स्टोरेज में सुरक्षित रखा जा सकेगा और ग्रिड ट्रिपिंग व ब्लैकआउट की समस्या समाप्त होगी। 
  • हरित रोजगार का सृजन: टाटा पावर के सीईओ व एमडी डॉ. प्रवीर सिन्हा और यूके के बिजनेस सेक्रेटरी जोनाथन रेनॉल्ड्स के अनुसार, यह शोध इंजीनियरिंग, डेटा साइंस और नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में बड़े पैमाने पर उच्च-वेतन वाले हरित रोजगार सृजित करेगा।