जमशेदपुर : देश के समेकित विकास के लिए जरूरी है कि डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर का इस्तेमाल से शिक्षा और स्वास्थ्य पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। यह कहना है टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन का। माइक्रोसाफ्ट कंपनी द्वारा आयोजित वर्चुअल इंटरर्नशिप प्रोग्राम, फ्यूचर रेडी टैलेंट को संबोधित करते हुए उन्होंने ये बातें कहीं। बकौल चंद्रशेखरन, भारत की ग्रोथ और बेहतर होने वाली है।

भारत की भूमिका निर्णायक होगी

वैश्विक स्तर पर जिस तरह की विकास दर है उसे देखने से लगता है भारत की भूमिका निर्णायक होगी। केंद्र सरकार जीएसटी, बैंकरप्सी कोड, कारपोरेट टैक्स रेट में कटौती जैसी कई पालिसी को पुर्ननियोजित कर उद्योगों के लिए नीतिगत माहौल तैयार बना रही है। देश में इस तरह से काम हो रहे हैं जो वर्तमान समय के लिए अनुकूल है। ऐसे में मुझे लगता है कि यह दशक भारत का होगा। ऐसे में जरूरी है कि समेकित विकास के लिए डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर का इस्तेमाल हो। इसके लिए जरूरी है कि शिक्षा व स्वास्थ्य राष्ट्रीय प्राथमिकता होनी चाहिए।

डिजिटल क्षेत्र में पांव पसारने का अच्छा मौका

यदि हम टिकाऊ भविष्य चाहते हैं तो इस दिशा में कदम मजबूती से बढ़ाने की जरूरत है। भारत के पास कम लागत पर डिजिटल प्लेटफार्म विकसित करने के लिए अच्छे मैनपावर और माइंड सेट दोनों है। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक लोग यदि डिजिटल होंगे तो नई टेक्नोलाजी तक पहुंच स्थापित होगी और एक बड़ा बाजार भी बनेगा। लोग अर्थव्यवस्था के दायरे में आएंगे। वहीं, उनका कहना है कि मैराथन दौड़ने से मुझमें दृढ़ता आती है और साथ ही मैं यह भी सीखता हूं कि आपको अपने लक्ष्य से कोई विचलित नहीं कर सकता है।

आज ऑनलाइन डॉक्टर परामर्श से ऑनलाइन क्लास तक हो रही

टाटा संस के अध्यक्ष एन चंद्रशेखरन ने कहा कि महामारी ने तकनीक के उपयोग को तेज कर दिया है, यह सुनिश्चित करने के लिए कि विकास समावेशी है। राष्ट्रीय प्राथमिकता सभी के लिए डिजिटल बुनियादी ढांचे का उपयोग करके शिक्षा और स्वास्थ्य तक पहुंच होनी चाहिए।

महामारी के दौरान हमने डिजिटल सेवाओं में भारी तेजी देखी। चाहे वह ऑनलाइन डॉक्टर से परामर्श करना हो या शिक्षा, लेकिन किसी को यह भी महसूस करना चाहिए कि जितने बच्चे डिजिटल तक पहुंच रखते हैं, उतने ही ग्रामीण इलाकों में भी हैं, जिनके पास कोई साधन नहीं है। उन्होंने कहा कि इन लोगों के लिए स्कूल बंद होने से पिछले दो साल बर्बाद हो गए हैं।

भारत का होगा यह दशक

चंद्रशेखरन ने कहा कि सरकार इंफ्रास्ट्रक्चर डाल सकती है लेकिन कॉरपोरेट सेक्टर को सपोर्ट करना होगा। समावेशी विकास को बढ़ावा देने के लिए जिस अन्य क्षेत्र पर ध्यान देना चाहिए वह है स्थिरता। महामारी ने हमें प्रदूषित हवा और पानी की एक झलक दी। आप पक्षियों को चहकते हुए भी सुन सकते हैं। स्थिरता की दिशा में त्वरण, चाहे वह सौर, इलेक्ट्रिक वाहन या कोई भी हरित क्षेत्र हो महत्वपूर्ण है। यह सब ऐसे समय में हो रहा है जब भारत विकास की ओर अग्रसर है।

चंद्रशेखरन ने साझा किया कि भारत का विकास आगे चलकर और अधिक मौलिक होगा क्योंकि वैश्विक विकास अच्छा होने वाला है। उन्हाेंने कहा कि यह देखते हुए कि मुझे लगता है कि भारत को एक भूमिका निभानी है। भारत के लिए बहुत कुछ हो रहा है।

Edited By: Jitendra Singh