जमशेदपुर : टाटा समूह (Tata Group) के एक्जीक्यूटिव नोएल टाटा (Noel Tata) ने विभिन्न कंपनियों से मिली सभी जिम्मेदारियों से इस्तीफा दे दिया है। नोएल टाटा 65 वर्ष के हैं और उन्होंने टाटा इंटरनेशनल (Tata International) के प्रबंध निदेशक के पद से भी इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने यह निर्णय टाटा समूह के वरिष्ठ कर्मचारियों के लिए बने सेवानिवृत्त नीति के तहत अपने सभी पदों को छोड़ा है। नोएल टाटा रतन टाटा (Ratan Tata) के सौतेले भाई हैं।

टाटा समूह की कई कंपनियों के चेयरमैन हैं नोएल

टाटा समूह में कार्यकारी निदेशकों को 65 वर्ष पर और कार्यकारी के पद पर 70 वर्ष की उम्र में सेवानिवृत्त करने का नियम बना हुआ है। हालांकि नोएल टाटा, टाटा इन्वेस्टमेंट कॉर्प (Tata Investment Corp), वोल्टास (Voltas) और टाटा इंटरनेशनल के प्रेसिडेंट के रूप में नॉन एक्जीक्यूटिव के पद पर बने रहेंगे। वे टाइटन (Titan) के वाइस चेयरमैन भी हैं।

इसके अलावा नोएल टाटा, बीएसई में सूचीबद्ध कंपनी ट्रेंट (Trent) लिमिटेड के रिटेल सेक्टर (Retail Sector) का भी नेतृत्व कर रहे हैं। जो वेस्टसाइड (Westside), जूडियो और स्टार बाजार फ्रेंचाइजी का मालिक है, जिसे उनके नेतृत्व में स्क्रैच से बनाया गया है। कंपनी का स्पेनिश रिटेलर इंडिटेक्स (Inditex) के साथ एक सफल संयुक्त उद्यम भी है, जो ज़ारा और मास्सिमो दूती रिटेल चेन के मालिक हैं।

बड़े रणनीतिक खेल की है तैयारी

टाटा समूह के अधिकारियों का कहना है कि नोएल टाटा अपनी जिम्मेदारी से हटने के बाद वे ट्रेंट, वोल्टास और टाइटन सहित सभी बोर्डों में एक बड़ी रणनीतिक भूमिका निभाने के लिए तैयार हैं। साथ ही उनके टाटा ट्रस्ट (Tata Trust) में अधिक सक्रिय होने की भी संभावना है।

उन्हें 2019 में ट्रस्टी के रूप में नामित किया गया था। टाटा समूह के एक वरीय अधिकारी का कहना है कि समूह का कार्यकारी हो या गैर कार्यकारी अधिकारी। हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि वह टाटा है और वे कई मायनों में समूह से जुड़े हुए हैं।

नोएल टाटा ने ट्रेंट कंपनी स्थापना की थी

आपको बता दें कि मां सिमोन टाटा से एमडी का पद लेने के बाद नोएल टाटा ने ट्रेंट के निर्माण का श्रेय दिया गया। वर्ष 2014 में इस कंपनी का बाजार मूल्य 3,600 करोड़ रुपये था जो अब बढ़कर 40,000 करोड़ रुपये हो गया है। वर्ष 2017 में नोएल टाटा ने जब वोल्टास कंपनी का कार्यभार संभाला तब कंपनी का मार्केट वैल्यू 18,000 करोड़ रुपये था जो अब बढ़कर 40,000 करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। समूह के शीर्ष एक्जीक्यूटिव का कहना है कि हालांकि ट्रेंट सबसे बड़ी रिटेल कंपनी नहीं है लेकिन यह निश्चित रूप से लाभप्रद कंपनियों में से एक है।

नोएल टाटा की है अलग पहचान

टाटा समूह में कहा जाता है कि खर्च करने के मामले में नोएल टाटा अपने रूढ़िवादी दृष्टिकोण के लिए जाने जाने हैं लेकिन हमेशा स्वस्थ व्यवसाय की कुंजी के रूप में पूंजी वापसी पर उनका हमेशा फोकस रहता है। समूह के भीतर उन्हें एक शांत निर्माता और नेता के रूप में देखा जाता है, जो अपनी कार्यकारी टीम की देखरेख करते हैं।

लो प्रोफाइल लीडर

नोएल टाटा ने अपने आपको हमेशा लो प्रोफाइल ही रखा है। उन्हें कई अतिरिक्त जिम्मेदारियां मिली जिसका उन्होंने बखूबी निर्वहन किया। जैसे कि टाइटन का वाइस प्रेसिडेंट नियुक्त किया जाना और सर रतन टाटा ट्रस्ट के बोर्ड में शामिल होना, टाटा संस को नियंत्रित करने वाले दो धर्मार्थ ट्रस्टों में से एक। आपको बता दें कि नोएल टाटा, टाटा ट्रस्ट के चेयरमैन रतन टाटा के सौतेले भाई भी हैं।

ट्रेंट की किस्मत बदली

कंपनी सूत्रों की माने तो ट्रेंट देश की कुछ लाभदायक रिटेल सेक्टर कंपनियों में से एक है, जो बदलते ट्रेंट को देखते हुए खुद को बदला है। कोविड 19 जैसी वैश्विक महामारी के बाद से फैशन सेगमेंट में विस्तार मोड में है। नोएल टाटा के तहत, ट्रेंट को अपने रिटेल नेटवर्क में बढ़ोतरी करने और प्रोफिट ट्रैक रिकॉर्ड के कारण निवेशकों द्वारा हमेशा बेहतर रूझान मिला है।

ट्रेंट स्टॉक हाल के वर्षों में टाटा समूह में आउट ऑफ परफॉर्मर्स में से एक रहा है। वर्ष 2010 में नोएल टाटा उस टाटा इंटरनेशनल कंपनी के एमडी बने जिससे उन्होंने अपना करियर शुरू किया था। पत्नी आलो मिस्त्री टाटा संस के पूर्व चेयरमैन साइरस मिस्त्री की बहन हैं, जिन्हें वर्ष 2016 में टाटा समूह के चेयरमैन पद से हटा दिया गया था। समूह पर नजर रखने वालों का कहना है कि नोएल टाटा को अंततः 2017 में समूह के दिग्गज भास्कर भट के समान टाटा सोन के बोर्ड में नामित किया जा सकता है।

Edited By: Jitendra Singh