जमशेदपुर : टाटा समूह विदेशों में संचालित अपनी कंपनियों को बेच रही है। टाटा समूह ने अब तक सिंगापुर स्थित नेट स्टील की बिक्री कर चुकी है। टाटा समूह का उद्देश्य विदेशों में संचालित कंपनियों की बिक्री कर भारतीय ऑपरेशन में संचालित कंपनियों के ऋण को कम करना, साथ ही भारतीय ऑपरेशन पर फोकस करना है। इसी उद्देश्य के तहत टाटा समूह अपनी एक और कंपनी को बेचने के लिए खरीदार की तलाश कर रही है।

एक बिलियन डॉलर में बिक्री की हो रही है तैयारी

बाजार सूत्रों की माने तो टाटा समूह की कंपनी, टाटा केमिकल्स लिमिटेड अपने यूएस स्थित सोडा ऐश यूनिट को बेचने की तैयारी कर रही है। सूत्रों की माने तो इस यूनिट की कीमत एक बिलियन डाॅलर तय किया गया है। टाटा समूह इस यूनिट के लिए उपयुक्त खरीदार की तलाश कर रही है। इसके लिए टाटा समूह निजी इक्विटी फर्मो और कुछ उद्योग समूहों से संपर्क कर रही है।

3.4 अरब डॉलर की है कंपनी

टाटा केमिकल्स करीब 3.4 अरब डॉलर का बाजार मूल्य है। इस साल बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज में टाटा केमिकल्स के शेयरों की कीमत दोगुने से भी ज्यादा हो चुके हैं। ऐसे में निवेशकों का मानना है कि टाटा केमिकल्स की वित्तीय स्थिति काफी बेहतर है और कंपनी अपनी यूएस यूनिट को नहीं बेचने का भी निर्णय ले सकती है। हालांकि टाटा केमिकल्स प्रबंधन की ओर से इस संबंध में किसी तरह की टिप्पणी करने से इंकार किया है।

यह काम करती है कंपनी

यूएस स्थित टाटा केमिकल्स की सोडा ऐश दुनिया की सबसे बड़ी उत्पादक कंपनियों में से एक है जो हर साल 5.5 मिलियन टन खनिज ट्रोना से उत्पन्न सोडा ऐश का उपयोग करते हुए डिटर्जेंट, फार्मास्यूटिकल्स से बनने वाले उत्पादों का निर्माण करती है। इसका उपयोग कांच, कागज और वाटर प्यूरीफिकेशन में भी होता है। टाटा कैमिकल्स की वेबसाइट के अनुसार, कंपनी का 60 प्रतिशत व्यापार अमेरिका और केन्या में होता है।

12 माह में 18 प्रतिशत की आई है गिरावट

कंपनी की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, उत्तरी अमेरिका में कोविड 19 के कारण हुए लॉकडाउन का असर कंपनी के व्यापार पर भी पड़ा है। मार्च के दौरान पिछले 12 माह में कंपनी के उत्पादन में 18 प्रतिशत की गिरावट आई है। इससे कंपनी की बिक्री भी 19 प्रतिशत घटकर 388 मिलियन डॉलर रह गई है।

Edited By: Jitendra Singh