जमशेदपुर : टाटा ग्रुप देश की सबसे भरोसेमंद समूह है। देश के 17 कॉरपोरेट घरानों के बीच पिछले दिनों एक सर्वे हुआ था। जिसमें टाटा स्टील को बीते वर्ष की तुलना में दोगुना, 66 प्रतिशत (पिछले वर्ष 32 प्रतिशत) अंक मिले है।

स्वतंत्र इक्विटी रिसर्च फर्म, इक्विटी मास्टर द्वारा किए गए सर्वे में यह बात सामने आई है। इस सर्वे में दिलचस्प बात यह है कि इसमें 153 वर्ष पुरानी बिड़ला समूह और मुकेश अंबानी की रिलायंस समूह को भी शामिल किया गया है। इसमें इन समूहों को क्रमश: पांच और 4.7 प्रतिशत अंक के साथ ये दूसरे व तीसरे पर काबिज हैं।

टाटा की ही 17 कंपनियों को नहीं मिला पांच प्रतिशत से ज्यादा अंक

टाटा समूह सहित 17 कंपनियों को इस सर्वे में शामिल किया गया है लेकिन दिलचस्प बात यह है कि किसी भी समूह को पांच प्रतिशत से अधिक अंक नहीं मिला है। हालांकि 2013 में इक्विटी मास्टर द्वारा किए गए अंतिम सर्वे में कंपनियों के रैंक में जरूर सुधार हुआ है।

5274 निवेशक हुए थे इस सर्वे में शामिल

देश के कॉरपोरेट घरानों की विश्वसनीयता के आधार पर यह सर्वे हुआ। इसमें 5274 निवेशकों ने अपने वोट दिए। रिपोर्ट के अनुसार बिड़ला समूह, गोदरेज और टीवीएस पिछले सर्वे की तुलना में दो रैंक ऊपर उठे हैं। वहीं, मुकेश अंबानी समूह छह रैंक ऊपर है जबकि राहुल बजाज समूह, जो चौथे स्थान पर आया है, पिछले सर्वेक्षण से नौ रैंक ऊपर है।

निवेशकों ने नोटा पर भी दबाया बटन

सर्वे में यह बात खास रही कि वर्ष 2013 में चार प्रतिशत निवेशकों नोटा (उपरोक्त में कोई नहीं) पर वोट किया था जो इस बार घट कर दो प्रतिशत पर रहा। इस सर्वे में सबसे कम वोट (0.8 प्रतिशत) मिले हैं। आरपीजी (राम प्रसाद गोयनका) समूह है, जो सिएट टायर्स के मालिक है। पोल से पता चलता है कि विजेता और बाकी कॉर्पोरेट समूहों के बीच बहुत बड़ा अंतर है।

राहुल शाम बोले, कॉरपोरेट घराने साख बढ़ाने पर दें ध्यान

इक्विटी मास्टर के सह प्रमुख राहुल शाम ने कहा, किसी कंपनी की गुडविल और उसकी प्रतिष्ठा बहुत महत्वपूर्ण होती है। इससे निवेशकों का विश्वास बढ़ता है। जिसका फायदा लंबे समय के लिए संबधित कंपनी को मिलता है। सभी कॉरपोरेट घरानों को अपनी साख बढ़ाने की ओर ध्यान देने की जरूरत है क्योंकि विश्वास में कमी निवेशकों में विश्वास को प्रभावित करता है।

Edited By: Jitendra Singh