जमशेदपुर : टाटा समूह अपनी महत्वकांक्षी वन स्टॉप सॉल्यूशन, सुपर एप को लांच करने के लिए फिर से आगे बढ़ चुकी है। अब तक चर्चा थी कि टाटा समूह केंद्र सरकार द्वारा लाए जा रहे नए उपभाेक्ता कानून का अध्ययन करने के बाद अपना सुपर एप लांच करेगी।

लेकिन इस बीच समूह की ओर से खबर आई है कि वह इस सुपर एप को शुरू करने के लिए कदम आगे बढ़ा चुकी है। फिलहाल इस सुपर एप का वाणिज्यिक इस्तेमाल नहीं होगा। टाटा समूह इस एप को आधिकारिक रूप से लांच करने से पहले इस एप की दक्षता की टेस्टिंग करेगी। इसके लिए समूह ने नया उपाय सोचा है।

अपने 7,00,000 कर्मचारियों को देगी सुपर एप

टाटा समूह में लगभग 7,00,000 कर्मचारी कार्यरत है। टाटा समूह की प्लानिंग है वह अपने सभी कर्मचारियों को चरणबद्ध तरीके से इस एप को देगी। जिसका वे इस्तेमाल करेंगे। वे बताएंगे कि एप के इस्तेमाल में तकनीकी रूप से किस तरह की परेशानी आ रही है। इसमें लगातार सुधार के बाद ही इस एप का वाणिज्यिक इस्तेमाल के लिए टाटा समूह लांच करेगी।

पूरी तरह से वन स्टॉप सॉल्यूशन होगा सुपर एप

देश में जिस तेजी से डिजिटलाइजेशन अपने पांव पसार रहा है उसी तेजी से ई-कॉमर्स का मार्केट तेजी से अपने विस्तार रूप ले रहा है। अमेजन, फ्लिपकार्ट के बाद रिलायंस जैसी बड़ी कंपनियां इसमें ट्रेड कर रही है। ऐसे में टाटा समूह वन स्टॉप सॉल्यूशन के रूप में ई-कॉमर्स के क्षेत्र में प्रवेश की तैयारी कर रही है।

उपभोक्ता को एक बार प्रवेश करने के बाद हर तरह के सामान, सुविधा, सेवाओं का लाभ मिलेगा। फिर चाहे घर के लिए राशन खरीदना हो, परिवार के साथ कहीं टूर पर जाने के लिए हवाई यात्रा टिकट, कैब या होटल बुक कराना हो या अपने लिए या अपने वाहन के लिए इंश्योरेंस कराना हो। हर तरह की सुविधा का लाभ इसमें मिलेगा।

खरीदारी करने पर मिलेंगे लॉयल्टी प्वाइंट्स

टाटा समूह के अधिकारियों की माने तो ई-कॉमर्स पर खरीदारी करने और ऑनलाइन पेमेंट पर ग्राहकों को लॉयल्टी प्वाइंट्स मिलेंगे। जिसका इस्तेमाल वे टाटा के किसी भी ब्रांड की खरीदारी पर उपयोग में ला सकते हैं। इसमें ग्रॉसरी खरीदने पर सबसे अधिक प्वाइंट ग्राहकों को दिए जाएंगे।

आपको बता दें कि टाटा के सुपर एप में इंडियन होल्टस, क्रोमा, बिग बास्केट, 1एमजी, क्योर फिट सहित इंश्योरेंस कंपनियां प्रवेश कर चुकी है लेकिन टाटा क्लिक अब भी इससे बाहर है। हालांकि बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि टाटा क्लिक जो सामान बेचती है उसमें उसके प्रतिद्वंद्वी ब्रांड रिलायंस के भी ब्रांड है। इसलिए सुपर एप में शामिल होने से पहले टाटा क्लिक को रिलायंस के ब्रांड से बाहर होना होगा।

Edited By: Jitendra Singh