जमशेदपुर, जासं। मानगो के एमजीएम थाना क्षेत्र भिलाई पहाड़ी निवासी भीम सिंह की 53 वर्षीय पत्नी सुकुरमनी सिंह ने रविवार की रात कीटनाशक खा लिया, जिससे उसकी हालत गंभीर हो गई। स्वजन उसे एमजीएम अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस के अनुसार घरेलू विवाद में महिला ने जहर खाया था। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

गोविंदपुर में गांजा की खरीद-बिक्री मामले में फरार आरोपित गिरफ्तार

जमशेदपुर। गोविंदपुर थाना की पुलिस ने गांजा की खरीद-बिक्री मामले में फरार चल रहे आरोपित परसुडीह राहरगोड़ा निवासी शशिकांत श्रीवास्तव उर्फ सोनू श्रीवास्तव उर्फ राका को गिरफ्तार किया। उसके विरुद्ध 14 सितंबर 2021 को प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पुलिस को सूचना मिली थी स्कूटर से युवक गांजा लेकर जा रहा है। पुलिस को देख वह स्कूटर को छोड़कर भाग निकला था। उसके स्कूटर से 250 ग्राम गांजा जब्त किया गया था।

सरकारी कार्य में बाधा डालने के मामले में अधिवक्ता समेत तीन को मिली जमानत

जमशेदपुर। अपर जिला व सत्र न्यायाधीश कुमार दिनेश की अदालत ने सरकारी कार्य में बाधा डालने के मामले में अधिवक्ता प्रिया शर्मा समेत कलावती देवी और नीतू कुमारी को अग्रिम जमानत प्रदान कर दी। अदालत ने मामले में पुलिस से केस डायरी की मांग की थी। शराब के एक कारोबारी नीरज को पकड़ने के दौरान पिछले दिनों बिहार की पुलिस सीतारामडेरा थाना की पुलिस के साथ उसके घर पर पहुंची थी जिसको लेकर विरोध हुआ था। मामले में अधिवक्ता समेत अन्य पर सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने की प्राथमिकी सीतारामडेरा थाना में दर्ज की गई थी।

प्रोफेसर की पत्नी से लाखों की धोखाधड़ी करने वाला गिरफ्तार

जमशेदपुर। घाटशिला अनुमंडल के बहरागोड़ा थाना की पुलिस ने पाटपुर गांव निवासी स्वपना गिरी के साथ लाखों की धोखाधड़ी करने के आरोप में उसके पड़ोसी बसंत जाना को गिरफ्तार किया है। मामले में रंजीता जाना, और गोपाल खुटिया पर भी धोखाधड़ी किए जाने की प्राथमिकी दर्ज की गई थी। स्वपना गिरी बहरागोड़ा महाविद्यालय के सेवानिवृत प्रोफेसर बेनी माधव गिरी की पत्नी है। बेनी माधव गिरी की कोरोना काल में मौत हो गई थी। पति की मौत के बाद वह अपनी बेटी के साथ घाटशिला अपने मायके में रहने लगी। बसंत जाना और उसकी पत्नी रंजीता जाना ने पेंशन का काम और पति का मृत्यु प्रमाण पत्र निकालने का काम किया। मृत्यु प्रमाण पत्र निकालने के नाम पर 60 हजार रुपए लिए।

बड़ी ही चालाकी से की थी धोखाधड़ी

आरोपितों ने कहा कि सेंट्रल बैंक के रूपये, एलआईसी और बैंक आफ इंडिया में रख देंगे। उनके नाम पर एक करोड का एलआइसी भी करवा दिया। पुत्री के नाम पर पांच लाख की एलआइसी करवाने का झांसा देते हुए कागजी दस्तावेज में छेड़छाड़ करते हुए नोमिनी में रंजीता का नाम जोड़ दिया गया। घर मरम्मत करने और चूना पेंट करने के नाम पर चार लाख रुपए ले लिए गए। चेक लेकर खाते से तीन लाख रुपयों की निकासी कर ली गई। इसके बाद 6 सितंबर 2021 को ब्लैंक चेक पर हस्ताक्षर करा कर पचास हजार की जगह 35 लाख रुपया रंजीता जाना के खाता में जमा करा दिया गया।

Edited By: Madhukar Kumar