वेंकटेश्वर राव, जमशेदपुर : इंस्टीच्यूश्न आफ इंजीनियर्स की जमशेदपुर शाखा की ओर से आयोजित क्रियेटिव आेलंपियाड़ में एटोमिक एनर्जी सेंट्रल स्कूल तुरामडीह के छात्रों का प्रोजेक्ट माडल लोगों का आकर्षित करने में कामयाब रहा। स्कूल के कक्षा नवम के छात्र अनिरूद्ध सिंह, वैभव कुमार, अभिनव कुमार पंडित व दसवीं के आयुष महतो ने अपने प्रोजेक्ट के माध्यम से सोलर एनर्जी का विकल्प का ढूंढा है। इस प्रोजेक्ट का नाम छात्रों ने टेक केयर बी वाटर अवेयर रखा गया है। यह प्रोजेक्ट वर्षा जल संरक्षण व विद्युत ऊर्जा संरक्षण में भी मददगार साबित होगी। छात्रों का प्राेजेक्ट यांत्रिकी ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित करता है। छात्रों का दावा है कि इसमें किसी तरह का साइड इफेक्ट नहीं है और पूरी तरह प्रदूषण रहित है। इस प्रोजेक्ट में छात्रों ने अल्ट्रासोनिक सेंसर, आर्डिनो, ब्रैड बोर्ड, रिले माडयूल, पिजियो इलेक्ट्रिक प्लेट, रेक्टीफायर्स का इस्तेमाल किया है। इसे बनाने में लगभग चार हजार रुपया लगा है। छात्रों के अनुसार बारिश के मौसम में टर्बाइन घुमता रहता है, इससे इलेक्ट्रिसिटी का उत्पादन होता है। छात्रों के अनुसार उपयोग की गई परियोजना में तकनीक 0.1 वाट प्रति सेकेंड बिजली उत्पन्न कर सकती है। पिजियो इलेक्ट्रिक प्लेट कोई भी टर्बाइन टकराएगा तो उससे बिजली पैदा होगी। यह परियोजना वर्षा जल संचयन और बिजली संचयन में सरकार की मदद करेगी।

मोबाइल एप के सहारे आउटडोर फार्मिंग

डीएवी बिष्टुपुर स्कूल के सातवीं के छात्रों ने मोबाइल एप के सहारे शहरी क्षेत्र के घरों एवं ग्रामीण क्षेत्र में खेती की सिंचाई मोबाइल एप के सहारे की जा सकती है। इससे संबंधित माडल स्कूल के सातवीं के छात्र आयुष वत्स, वंश भारद्वाज, नैतिक विहान, आरुष पटनायक ने क्रियेटिव ओलंपियाड में प्रस्तुत किया है। इस माडल का नाम प्लांट कम्यूनिकेटर (विथ फार्म टेक) दिया गया है। इसमें घर के अंदर की गार्डनिंग के लिए नोड एनसीयू इएसपी 8266, दो रिले, दो वाटर पंप, एक बालू मोसचर सेंसर, मोबाइल एप, वाइ फाई का इस्तेमाल किया गया है। आउटडोर फार्मिंग के लिए एलडीआर, एक रिले, एलईडी का इस्तेमाल किया गया है। साथ ही बैलगाड़ी के लिए दो डायनामा मोटर, डायोड, एलईडी, बैटरी को इसमें जोड़ा गया है। बैलगाड़ी चलने से भी विद्युत ऊर्जा पैदा होगी। इसे स्टोर कर खेती मोबाइल एप के सहारे की जा सकती है। इसमें आइओटी टेक्नोलाजी का इस्तेमाल किया गया है। इस माडल को बनाने में लगभग 4 हजार रुपया का खर्च आया है।

दवाब से चलने वाले वाहन व पंपिंग सेट में डीबीएसएम की टीम अव्वल

इंस्टीच्यूश्न आफ इंजीनियर्स की जमशेदपुर शाखा की ओर से तीन साल बाद क्रिएटिव ओलंपियाड का पुरस्कार वितरण रविवार की शाम आयोजित हुआ। इसके मुख्य अतिथि टिनप्लेट कंपनी के एमडी आरएन मूर्ति उपस्थित थे। पहले दिन का थीम एक्सप्लायटिंग फ्लूईड पावर फार ए ग्रीन अर्थ रखा गया था। इस थीम पर छात्रों ने अपनी सृजनात्मक क्षमता का परिचय देते हुए आन स्पाट बिना ईंधन के दबाव से चलने वाला वाहन तथा पंपिंग सेट बनाया। इस प्रतियोगिता में डीबीएमएस इंग्लिश स्कूल कदमा ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। वहीं दूसरे स्थान पर भुवनेश्वर के पोखारीपुट स्थित डीएवी स्कूल रही। तीसरा स्थान एमएनपीएस बिष्टुपर के छात्रों के माडल ने प्राप्त किया। इसमें विभिन्न राज्यों के 21 स्कूल टीम ने भाग लिया था।

प्रदर्शनी की जूनियर केटेगरी में डीएवी बिष्टुपुर को मिला प्रथम पुरस्कार

दूसरे दिन ओपेन केटेगरी की प्रदर्शनी आयोजित की गई। इसमें जूनियर केटेगरी में डीएवी बिष्टुपुर प्रथम तथा चिन्मया टेल्को दूसरे स्थान पर रही। वहीं सीनियर केटेगरी में लोयोला की टीम का माडल प्रथम तथा दूसरे स्थान पर एटोमिक एनर्जी सेंट्रल स्कूल तुरामडीह का माडल दूसरे स्थान पर रहा। इसके अलावा ओवरआल केटेगरी में बेस्ट स्पोट्र्समेन व पार्टिसिपेशन के लिए एएमके अलीगढ़ को विशेष पुरस्कार प्रदान किया गया।

Edited By: Uttamnath Pathak

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