जमशेदपुर। लॉकडाउन में ढील मिलते ही जमशेदपुर में अपराध का ग्राफ एकबारगी बढ़ गया है। अपराधियों में अभी तक तो पुरुष ही शामिल होते थे, लेकिन अब महिलाएं भी उतर गई है। शहर में ऐसी ही युवतियों की टोली घूम रही है, जो मदद करने के बहाने किसी को भी रोक लेती है। इसके बाद पैसे की डिमांड करती है। अगर आपने पैसा नहीं दिया तो फंसान की धमकी देती है।

राजस्थान से शहर पहुंची है युवतियों की टोली

राजस्थान से शहर पहुंची युवतियों की यह टोली किसी क्षेत्र विशेष को टारगेट कर युवतियां यहां राहगीरों को रुकवाती है और एक पत्र थमा कर सहयोग की मांग करती हैं। लोगों को बातों में फंसाने की इनमे महारत है। इनकी बातों में आकर लोग 100 और 200 रुपये भी थमा देते हैं।

कई भाषाओं में पारंगत है युवतियां

शहर किनारे खड़ी यह युवतियां कई भाषा में बोल सकती है। वह पंजाबी, हरियाणवी, बंगाली और यहां तक ओड़िया भाषा बोल सकती है। शहर में ऐसे 200 परिवार राजस्थान से जमशेदपुर पहुंचा है। सभी स्टेशन के आसपास रहते हैं। रोजी रोटी की समस्या होने के बाद वह राहगीरों को निशाना बना रही है।

प्रशासन की खुल रही है पोल

अब जब कोरोना काल में जिला प्रशासन व पुलिस पूरी तरह से कोरोना गाइडलाइन का पालन करवा रही है।स्टेशन में बाहर से आने वाले लोगों की जांच की जा रही है, ऐसे में इन युवतियों पर उनकी नजर नहीं पड़ना प्रशासन की सक्रियता की पोल खोलती है।

 

सुनसान सड़कों पर राहगीरों को बना रही शिकार

युवतियां वैसे सुनसान गलियों को अपना ठिकाना बनाती है जहां पुलिस जीप की गश्त कम होती है। बर्मामाइंस मस्जिद रोड क्लब हाउस के पास मंगलवार को पांचों युवतियां राहगीरो को रोककर ठगने का धंधा कर रही थी। लोग जब मोबाइल से तस्वीर लेने लगे तो युवतियां वहां से खिसकने लगी। राजस्थानी बोलचाल में कहने लगी कि उनकी फोटो फेसबुक में डालोगे तो शादी नहीं होगी। ऐसी ही कुछ युवतियां ऑटो में सवार होकर साकची की ओर चली गई। परसुडीह के करनडीह इलाके में ये युवतियां देखी गई। करनडीह से परसुडीह जाने वाले रास्ते पर खड़े होकर रुपये मांगती देखी गई। लोगों ने चोरी छिपे उनकी तस्वीर ली और एसएसपी को भेजी ।

Edited By: Jitendra Singh