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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 03, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

राइटर्स कम्युनिटी घर बैठे युवाओं को दे रही रोजगार, दो लोगों ने इसे इस वजह से किया था शुरू

By Sanam SinghEdited By:
Published: Sun, 03 Jul 2022 06:24 PM (IST)

राइटर्स कम्युनिटी के संस्थापक अंकित देव अर्पण और शान्या दास ने की थी। कंटेंट राइटिंग और फ्रीलांसिंग में हो रहे ...और पढ़ें

फ्रीलांस सेक्टर में भविष्य बना रहे है शहर के युवा।
फ्रीलांस सेक्टर में भविष्य बना रहे है शहर के युवा।

जमशेदपुर। भारत में फ्रीलांसिंग सेक्टर के बढ़ने से लोगों को घर बैठे काम पाना आसान हो गया है। पहले जो लोग दूरी, शारीरिक समस्याओं, या सामाजिक कारणों से ऑफिस में बैठ कर काम नहीं कर पाते थे, आज उन्हें घर बैठे ही काम उपलब्ध हो रहा है और साथ ही साथ उनकी कमाई भी हो रही है। फ्रीलांस सेक्टर की ऐसी ही एक कहानी है राइटर्स कम्युनिटी की।

राइटर्स कम्युनिटी 2020 में स्थापित एक फ्रीलांस मार्केटप्लेस है। इसकी स्थापना शहर के अंकित देव अर्पण और शान्या दास ने की थी। कंटेंट राइटिंग और फ्रीलांसिंग में हो रहे स्कैम से परेशान होकर इन दोनों ने फ्रीलांस को जीरो स्कैम सेक्टर बनाने का प्रयास किया था। राइटर्स कम्युनिटी की संस्थापिका शान्या दास पटना स्थित एक संस्था में काम कर रहीं थीं, जहां उन्हें काम कराने के बाद बिना भुगतान किए बाहर कर दिया गया, वहीं संस्थापक अंकित कुमार के साथ भी मेरठ स्थित एक कंपनी और कुछ फ्रीलांस दुनिया के क्लाइंट्स ने ऐसा ही किया। फेसबुक के कई ग्रुप्स में स्कैम की कहानियां पढ़ कर इन दोनों के मन में यह विचार आया था कि फ्रीलांस में लोगों को न्यूनतम भुगतान के साथ उनके भुगतान होने की गारंटी मिलनी चाहिए, जिससे वो विश्वास के साथ इस क्षेत्र में काम कर सकें।

इसी के साथ इन दोनों ने फरवरी में राइटर्स कम्युनिटी की शुरुआत की। शुरू में मात्र 3 लोग ही एक व्हाट्सएप ग्रुप में शामिल हुए, लेकिन धीरे धीरे लोगों का जुड़ना शुरू हुआ। कंपनी ने भुगतान की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सारे पेमेंट प्रूफ ग्रुप में डालने शुरू किए जिससे लोगों का विश्वास बढ़ता गया। कंटेंट राइटिंग से शुरुआत करने के बाद धीरे धीरे फ्रीलांसर्स की मदद से टाइपिंग, एकेडमिक राइटिंग, ट्रांसलेशन, प्रूफ रीडिंग, रिसर्च पेपर राइटिंग समेत अन्य कई कार्य शुरू हुए और 500 से अधिक लोगों को इसका लाभ मिलने लगा।