जमशेदपुर, जासं। Ramadan 2020 झारखंंड के जमशेदपुर के जुगसलाई कादरी मस्जिद के खातिब व पेश-ए-इमाम काजी मुस्ताक अहमद ने कहा कि कोरोना संक्रमण रोकने के मद्देनजर घरों में ही रोजा रख कर इबादत करें। इफ्तार व सेहरी के समय अपने घरों में शारीरिक दूरी का पालन करें। कहीं भी सामूहिक इफ्तार का आयोजन नहीं करें।

उन्‍होंने कहा कि इस समय भारत समेत पूरी दुनिया कोरोना महामारी के कारण परेशान है। अर्थव्यवस्था व रोजगार बुरी तरह से प्रभावित है। ऐसे में गरीबों की भरपूर मदद करें। जरूरतमंदों के घर इफ्तार और सेहरी के सामान पहुंचाएं। रमजान का महीना अपने गुनाहों से तौबा करने का है। इसलिए गुनाहों से तौबा करें और दुनिया से कोरोना का कहर जल्द दूर हो, इसके लिए दुआ करें। मस्जिदों में सामूहिक आयोजन नहीं करें। जरूरी चीजों की खरीदारी के लिए बाजार में निकलते समय मास्क का प्रयोग जरूर करें।

इफ्तार पार्टी की है मनाही 

इस बार जिला प्रशासन की तरफ से कोरोना के फैलाव को रोकने के लिए सामूहिक इफ्तार की मनाही है। उलमा ने भी लोगों से सामूहिक इफ्तार का आयोजन नहीं करने को कहा है। इसी तरह, इफ्तार पाॢटयां भी नहीं होंगी। लोगों से कहा गया है कि वो घरों में अपने परिवार के साथ इफ्तार करें। 

इफ्तार करने से पहले करें मुल्क के लिए दुआ 

इमारत-ए-शरिया के काजी सऊद अहमद कासमी ने रोजेदारों से अपील की है कि वो रोजे में इफ्तार करने से 10 मिनट पहले देश के लिए दुआ करें। दुआ करें कि कोरोना महामारी देश व दुनिया से पूरी तरह खत्म हो जाए। साथ ही देश में अमन रहे। उन्होंने लोगों से कहा है कि वो अपने घरों में परिवार के साथ तरावीह की नमाज पढ़ें। मस्जिदों में सामूहिक तरावीह नहीं होगी। मस्जिदों में पेश इमाम, मुअज्जिन समेत चार-पांच लोग ही तरावीह की नमाज पढ़ेंगे। 

Posted By: Rakesh Ranjan

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