जमशेदपुर/सरायकेला (जेएनएन)। कोल्‍हान प्रमंडल के सरायकेला-खरसावां जिला अंतर्गत कपाली थाना के इस्लामनगर मे मोहम्मद ताजुद्दीन के घर मार्च माह की 19 तारीख को बारात आई थी। बारात में उत्तरप्रदेश के भदोही व मऊ जिले के कुल 19 लोग शामिल थे।

घरवालों के बाद लोगों व संस्‍थाओं ने की भोजन की व्‍यवस्‍था

बारातियों के लौटने से पहले ही लॉकडाउन हो गया और सभी लोग यहां फंस गए थे। बारातियों में हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदाय के लोग सम्मिलित थे। जिनके घर बारात आई थी, उनलोगों ने कुछ दिन तक तो सभी के‍ लिख खाने-पीने की व्‍यवस्‍था की। कुछ दिन बाद इन लोगों के भोजन का पर्याप्त प्रबंध नहीं हो पा रहा था तो कुछ स्वयंसेवी संस्थाओं तथा स्थानीय लोगों ने इन बारातियों के लिए भोजन की व्यवस्था की। इसी बीच रमजान का महीना शुरू हो गया। इसके उपरांत रोजेदारों के लिए प्रतिदिन इफ्तार का प्रबंध स्थानीय लोगों द्वारा किया जाता रहा। साथ ही हिंदुओं के लिए दोनों वक्त का भोजन भी इस दौरान स्थानीय लोगों की ओर से की जा रही व्यवस्था के तहत होता रहा। संकट की घड़ी में हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल भी देखने को मिली।

एसपी मो अर्शी की पहल पर लौट सके अपने गृह राज्‍य 

इसी बीच इन बारातियों की पीड़ा सरायकेला खरसावां जिले के नए एसपी मोहम्मद अर्शी तक पहुंच गई। उन्होंने इस मामले पर संज्ञान लेते हुए कपाली के थाना प्रभारी  प्रकाश रजक को दिशा-निर्देश जारी किए। एसपी की पहल पर एक बस की व्यवस्था की गई। लॉकडाउन के चलते फंसे लोगों के अपने घर जाने के लिए पास भी बनवाए गए। साथ ही रास्ते के खाने-पीने का इंतजाम भी किया गया। इसके साथ इन लोगों की सकुशल उनके गृह जिले वापसी के लिए बस में बैठा कर थाना प्रभारी ने स्वयं ही सभी को विदा किया।

इंडियन टी20 लीग

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस