सोनारी एयरपोर्ट पर व्यावसायिक उड़ानें ठप; सुरक्षा बल हटाए गए, अब हवाई सफर के लिए रांची या कोलकाता जाना होगा
सोनारी हवाई अड्डे से व्यावसायिक उड़ानें स्थायी रूप से बंद होने के बाद, वहां तैनात सभी 75 सुरक्षाकर्मियों को वापस ...और पढ़ें

सोनारी हवाई अड्डे से व्यावसायिक उड़ानों का परिचालन ठप होने के बाद सुरक्षा व्यवस्था भी पूरी तरह समेट ली गई है।
HighLights
सोनारी हवाई अड्डे से व्यावसायिक उड़ानें स्थायी रूप से बंद।
हवाई अड्डे से 75 सुरक्षाकर्मियों को तत्काल वापस बुलाया गया।
यात्रियों को अब रांची या कोलकाता से उड़ान भरनी होगी।
जासं, जमशेदपुर। सोनारी हवाई अड्डे से व्यावसायिक उड़ानों का परिचालन स्थायी रूप से ठप होने के बाद अब वहां तैनात सुरक्षा व्यवस्था भी पूरी तरह समेट ली गई है।
झारखंड पुलिस मुख्यालय की विशेष शाखा ने हवाई अड्डे की सुरक्षा में प्रतिनियुक्त सभी 75 पुलिस पदाधिकारियों और जवानों को तत्काल प्रभाव से वापस बुला लिया है।
इन सभी कर्मियों को सोमवार सुबह दस बजे तक रांची स्थित विशेष शाखा मुख्यालय में अनिवार्य रूप से योगदान देने का आदेश दिया गया था।
विशेष शाखा द्वारा जारी निर्देश के तहत जमशेदपुर के डीएसपी को तय समय पर सभी जवानों की मुख्यालय में उपस्थिति सुनिश्चित कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
इसके साथ ही, सोनारी हवाई अड्डे के मुख्य सुरक्षा अधिकारी (सीएएसओ) को सुरक्षा संबंधी पूरा प्रभार विधिवत सौंपने का निर्देश मिला है।
हवाई अड्डा सुरक्षा ड्यूटी के दौरान जवानों को सौंपे गए सभी सुरक्षा उपकरण और संसाधन भी अविलंब संबंधित विभागों में जमा कराए जा रहे हैं।
उडानों के बंद होने से पड़ा असर
उल्लेखनीय है कि सोनारी हवाई अड्डे से केंद्र सरकार की उड़ान (आरसीएस) योजना के तहत 31 जनवरी 2023 को 'इंडिया वन एयर' ने नौ सीटों वाले विमानों के साथ अपनी सेवा शुरू की थी।
इसके माध्यम से जमशेदपुर से कोलकाता और भुवनेश्वर के लिए नियमित और सुगम उड़ानें संचालित हो रही थीं।
हालांकि, वायबिलिटी गैप फंडिंग (वीजीएफ) की सब्सिडी समाप्त होने और सरकारों की ओर से अपेक्षित अतिरिक्त आर्थिक मदद न मिलने पर विमानन कंपनी ने भारी वित्तीय घाटे का हवाला दिया।
पहले कोलकाता और बाद में 31 अगस्त से भुवनेश्वर की उड़ान सेवा भी पूरी तरह बंद कर दी गई, जिसके चलते हवाई अड्डे से व्यावसायिक परिचालन ठप हो गया।
यात्रियों को अब रांची या कोलकाता का करना होगा रुख
सुरक्षा बलों की इस वापसी के साथ ही लौहनगरी जमशेदपुर पर मंडरा रहे विमानन संकट पर एक तरह से अंतिम मुहर लग गई है। दूसरी ओर, धालभूमगढ़ हवाई अड्डा परियोजना भी वर्षों से कागजों और फाइलों में ही अधर में लटकी हुई है।
सोनारी से भी व्यावसायिक उड़ानें बंद होने के कारण अब उद्योग जगत, व्यापारियों और आम यात्रियों को हवाई सफर के लिए एक बार फिर पूरी तरह रांची या कोलकाता हवाई अड्डे पर ही निर्भर रहना पड़ेगा।
