जमशेदपुर, जेएनएन। Coronavirus Alert विश्वव्यापी महामारी कोविड-19 से संक्रमित मरीजों की संख्या भारत में भी तेजी से बढ़ती जा रही है। इसे रोकने के लिए देश में लॉकडाउन किया गया है। इसमें सोशल डिस्टेंसिंग का पालन अनिवार्य है। कोरोना वायरस की चेन को तोड़ना होगा, तभी हम इस बीमारी को हरा सकते हैं।

कोरोना वायरस के मरीजों में जुकाम, खांसी, गले में दर्द, सांस लेने में दिक्कत, बुखार जैसे शुरुआती लक्षण होते हैं। साधारण सर्दी-खांसी होने पर चिकित्सकों को दिखाकर घरों में ही रहना चाहिए। मौसम बदलने की वजह से सर्दी-खांसी के मामले बढ़ रहे हैं, इसलिए घबराना नहीं चाहिए। ऐसे मरीजों को अपने घरों में भी परिवार से अलग रहना चाहिए। अभी तक इस वायरस से निजात पाने के लिए कोई वैक्सीन नहीं उपलब्ध है। कोरोना से बचाव के लिए अपने हाथ को साबुन या फिर सैनिटाइजर से बार-बार धोएं। जब भी कहीं बाहर से आएं, किसी से हाथ मिलाएं या किसी के नजदीक जाएं तो फौरन हाथों को हैंड वॉश, साबुन से धोएं। हाथों से नमस्ते करें, चाहकर भी हाथ मिलाने से बचें। अगर छींके या खांसी आ रही है तो मास्क लगाना अनिवार्य है। अगर छींके या खांसी नहीं आ रही है तो बेवजह मास्क न लगाएं। घर में साफ-सफाई पर विशेष ध्यान रखें। किसी भी प्रकार का भीड़ में जाने से बचें।

- डॉ. रतन कुमार, असिस्टेंट प्रोफेसर, एमजीएम कॉलेज।

कोरोना के लक्षण फ्लू से मिलते जुलते हैं

देश लॉकडाउन है। इसका मकसद कोरोना वायरस की चेन को तोड़ना है। सभी को जागरूक होने की जरूरत है, तभी हम इस महामारी पर विजयी प्राप्त कर सकते हैं। कोरोना का संबंध वायरस के ऐसे परिवार से है, जिसके संक्रमण से जुकाम से लेकर सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्या हो सकती है। इस वायरस को पहले कभी नहीं देखा गया है। इसका संक्रमण दिसंबर में चीन के वुहान में शुरू हुआ था। अब तक इस वायरस को फैलने से रोकने वाला कोई टीका नहीं बना है। इसके लक्षण फ्लू से मिलते-जुलते हैं। संक्रमण के फलस्वरूप बुखार, जुकाम, सांस लेने में तकलीफ, नाक बहना और गले में खरास जैसी समस्या उत्पन्न होती है। इसलिए इसे लेकर बहुत सावधानी बरती जा रही है।

कुछ मामलों में कोरोना वायरस घातक भी हो सकता है। खास तौर पर अधिक उम्र के लोग और जिन्हें पहले से अस्थमा, मधुमेह और हार्ट की बीमारी है। कोरोना से बचाव के लिए हाथों को साबुन या सैनिटाइजर से बार-बार धोना चाहिए। अल्कोहल आधारित हैंड रब का इस्तेमाल भी किया जा सकता है। खांसते और छींकते समय नाक और मुंह पर रूमाल या टिश्यू पेपर से ढककर रखें। जिन व्यक्तियों में कोल्ड और फ्लू के लक्षण हों उनसे दूरी बनाकर रखें।

-डॉ. सरवर आलम, सर्जन, एमजीएम अस्पताल।

 

Posted By: Rakesh Ranjan

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