जमशेदपुर, जागरण संवाददाता।  टेल्को थाना क्षेत्र की नाबालिग को देह व्यापार में धकेलने और ओडिशा के झारसुगोड़ा और छत्तीसगढ़ के रायपुर में चार पुलिसकर्मियों द्वारा किए गए दुष्कर्म मामले में टेल्को थाने की पुलिस ने पीडि़ता की बहन, जीजा सुखदेव गागराई व टेल्को जेम्को निवासी प्रतिमा को हिरासत में लिया है। तीनों से पूछताछ चल रही है। उधर, पुलिस अबतक सोनारी निवासी रवि को नहीं दबोच पाई है। वह घर से फरार है। इंस्पेक्टर अखिलेश ने बताया कि अभी जांच चल रही है। 

मालूम हो कि पीडि़ता की शिकायत पर टेल्को जेम्को गुरुद्वारा रोड निवासी उसके जीजा सुखदेव गागराई, जेम्को की रहने वाली प्रतिमा, ओडिशा के झारसुगोड़ा की शीतल, छत्तीसगढ़ के रायपुर निवासी करण, झारसुगोड़ा के चार अज्ञात पुलिसकर्मियों और अन्य अज्ञात पर आपराधिक षडयंत्र कर नाबालिग को देह व्यापार में धकेलने और पोस्को एक्ट के तहत टेल्को थाने में मामला दर्ज किया गया है। शुक्रवार को पुलिस ने पीडि़ता को कोर्ट में पेश किया। वहां बयान दर्ज हुआ। मौके पर चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के वकील आलोक भास्कर भी मौजूद रहे।

मेडिकल बोर्ड की टीम करेगी पीडि़ता की जांच

पीडि़ता की मेडिकल जांच एमजीएम अस्पताल में मेडिकल बोर्ड की टीम करेगी। इसके लिए शुक्रवार को टीम गठित की गई। जमशेदपुर न्यायालय में पीडि़ता का 164 के तहत बयान कलमबंद कराने के बाद पुलिस उसे शुक्रवार दोपहर ढाई बजे अस्पताल लेकर पहुंची थी।

दुष्कर्म का यह मामला राउरकेला से भी जुड़ा

टेल्को थाने में दर्ज पीडि़ता की शिकायत के अनुसार, ओडशा के राउरकेला में भी उसके साथ दुष्कर्म हुआ। वहां के होटल में एक उम्रदराज आदमी उसे जमशेदपुर से बुलाकर साथ रखता था। वह जमशेदपुर भी आता-जाता था। करण और उसकी मां शीतल ने काम दिलाने का झांसा देकर उसके के साथ गलत करवाया।

डायरी में दर्ज फोन नंबर से चिह्नित हो सकते हैं दुष्कर्मी

पीडि़ता के अनुसार, उसके साथ रवि समेत कई ने दुष्कर्म किया। वह उन सभी स्थानों को दिखा सकती हैं, जहां उसके साथ गलत हुआ। बताया कि एक डायरी में उसने ऐसे लोगों का फोन नंबर लिखकर रखा है। डायरी में वह हर आदमी के लिए लकीर बनाती थी, जिसकी गिनती कर बता सकती है कि कितने लोगों ने दुष्कर्म किया। पीडि़ता ने पुलिस को रवि, प्रतिमा और करण का मोबाइल नंबर मुहैया कराया है।

पीडि़ता ने कहा- नौ वर्ष की थी तो जीजा ने किया दुष्कर्म

न्यायिक दंडाधिकारी से पीडि़ता ने अपनी आपबीती सुनाई। कहा कि जब नौ वर्ष की थी तब जीजा ने उससे दुष्कर्म किया था। दीदी से शिकायत की। दीदी ने अनसुना कर दिया। कहा, बचपन में ही माता-पिता की मौत हो गई थी। कोलकाता में रहने वाली बहन के घर चली गई। वहां दीदी ने एक आंटी के पास बेच दिया। वह बहुत प्रताडि़त करती थी। वहां से दो-तीन हफ्ते में ही भाग गई। हावड़ा स्टेशन पर पुलिस वालों के पास गई। टेल्को में रहने वाली बहन को फोन किया। बहन ने फोन नहीं उठाया। जहां बच्चे रहते थे। वहां पुलिस वालों ने रखवा दिया। फिर रांची आश्रम आ गई। वहां नहीं रहना चाहती थी। फिर जमशेदपुर मदर टेरेसा वेलफेयर ट्रस्ट में भेज दी गई। यहां वह पढ़ रही थी। वहां से भी सहेली के साथ बर्मामाइंस भाग गई। इसके बाद पुलिस ने पकड़ कर पुन: मदर टेरेसा वेलफेयर ट्रस्ट भेज दिया। दीदी वहां से आकर ले गई। घर का काम कराती थी।

पुलिसवालों के पास ले गई करण की मां

जीजा हमेशा गलत करने की कोशिश करते थे। पड़ोस में प्रतिमा रहती है। दीदी ने रवि से कहा कि कोर्ट से कागज बना दो कि बहन साथ में नहीं रहना चाहती है। रवि के साथ प्रतिमा ने उसे रायपुर भेज दिया। वहां करण मिला। उसे कार में बैठा कर फ्लैट में ले गया। फोटो खींच लिया। फ्लैट मे आठ लोग आए। सभी ने जबरन दुष्कर्म किया। प्रतिमा भी साथ थी। इसके बाद ओडि़शा के झारसुगोड़ा में रहने वाली करण की मां के घर गए। वहां भी गलत काम कराया गया। पुलिस वालों के पास करण की मां ले गई थी। चार पुलिस वालों ने दुष्कर्म किया। वहां से करण अपने घर ले गया। वहां भी गलत कराया जाता था। इसी बीच रवि, प्रतिमा व करण में झगड़ा हो गया। प्रतिमा उसे लेकर राउरकेला चली गई। वहां से एक अंकल के साथ होटल में भेज दिया। अंकल ने गलत किया। वह जमशेदपुर लौटी तो एक होटल में ठहरी। वहां भी उसी अंकल ने पुन: दुष्कर्म किया। रवि के दोस्त ने होटल में रखा। मोबाइल दिया। होटल वाले ने बागबेड़ा पुलिस को फोन किया। पुलिस उसे ले गई।

 

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Posted By: Rakesh Ranjan