जागरण संवाददाता, जमशेदपुर : सिंहभूम चैंबर ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्री की 69वीं वार्षिक आमसभा सोमवार को होगी, जिसमें एक बार फिर सदस्यता के मुद्दे को लेकर हंगामा होने की आशंका है।

बिष्टुपुर स्थित चैंबर भवन में सुबह 11 बजे से होने वाली एजीएम में कुल आठ एजेंडा शामिल किए गए हैं।

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जब स्वार्थ नहीं तो सत्ता से चिपके क्यों : टीम विजन

सिंहभूम चैंबर के चुनाव में टीम विजन सत्ता पक्ष के पदाधिकारियों से मुकाबला करने के लिए उम्मीदवार उतारे हैं। टीम सत्ता पक्ष को अलग-अलग मुद्दों से घेरने की कोशिश भी कर रहा है। इसी में रविवार को बिष्टुपुर स्थित एक रेस्टोरेंट में संवाददाता सम्मेलन के दौरान उपाध्यक्ष (ट्रेड-कामर्स) के उम्मीदवार लिपु शर्मा व उपाध्यक्ष (पीआरडब्ल्यू) के उम्मीदवार मुकेश मित्तल ने सवाल उठाया कि स्वार्थ नहीं है तो चैंबर में 20-25 साल से एक ही लोग चिपके क्यों हैं। मित्तल ने कहा कि चैंबर में नई पीढ़ी को मौका और वर्षो से पदों पर जमे लोगों से छुटकारा दिलाने के लिए उनकी टीम को व्यापक समर्थन मिल रहा है। उपाध्यक्ष (इंडस्ट्री) के उम्मीदवार श्रवण देबुका ने कहा कि चैंबर की एजीएम में भी खानापूर्ति होती है। विभिन्न विषयों पर चर्चा होती है, लेकिन घुमा-फिराकर कुछ मुद्दे दोहराए जाते हैं। जो सत्ता में हैं, वे अपने प्रिय लोगों को ही सदस्य बनाते हैं। कब सदस्यता अभियान चलता है और कब बंद होता है, पता ही नहीं चलता। हमारा उद्देश्य चैंबर की कार्यप्रणाली में सुधार लाना, अधिकारियों की जी-हुजूरी बंद करने और छोटे छोटे व्यापारियों को भी सम्मान देना है। टीम विजन जीती तो सदस्यों के लिए लीगल सेल का गठन किया जाएगा। इस मौके पर उमेश खिरवाल, संतोष गुप्ता, दीपक अग्रवाल, सुशील अग्रवाल, श्रवण मित्तल, परमेंद्र शर्मा आदि ने भी अपनी बात रखी।

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नजर नहीं आए विनोद शर्मा व श्रवण काबरा

टीम विजन की बैठक रविवार को बिष्टुपुर स्थित एक रेस्टोरेंट में हुई, जिसमें टीम के अन्य सदस्य तो थे, लेकिन महासचिव पद के उम्मीदवार श्रवण काबरा व सचिव (इंडस्ट्री) के उम्मीदवार विनोद शर्मा नजर नहीं आए। दोनों सुरेश सोंथालिया के ना केवल करीबी रह चुके हैं, बल्कि उनकी टीम में महासचिव व कार्यसमिति के सदस्य भी रहे हैं। चर्चा है कि शायद इसी वजह से अंतिम समय में इन्होंने विपक्षी के रूप में सामने नहीं आने का निर्णय लिया होगा। बहरहाल, विपक्षी खेमे की बैठक में इनका शामिल नहीं होना चर्चा का विषय बन गया है।

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लैपटॉप लेकर घर-घर घूमने का आरोप

टीम विजन के मुकेश मित्तल ने कहा कि सत्ता पक्ष ने चुनाव में पारदर्शिता लाने के लिए ई-वोटिंग तो करा रही है, लेकिन इनकी गतिविधियां संदेह पैदा कर रही हैं। ई-वोटिंग के लिए 72 घंटे क्यों दिए जा रहे हैं। उन्हें इस बात की पक्की जानकारी है कि सत्ता पक्ष के लोग लैपटॉप लेकर सदस्यों के घर-घर जा रहे हैं, जहां अपने सामने मतदान कराया जा रहा है। संबंधों-रिश्तों के दबाव में ऐसे सदस्य अपने उम्मीदवारों के पक्ष में वोट दिला रहे हैं।

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कल भी ई-वोटिंग कर सकते छूटे सदस्य

सिंहभूम चैंबर के चुनाव में मंगलवार को भी मतदान की सुविधा रहेगी। इसमें वैसे सदस्य मतदान कर सकेंगे, जो 20-22 सितंबर तक ई-वोटिंग नहीं कर सके हैं। चैंबर भवन में 24 सितंबर को सुबह 10.30 से शाम चार बजे तक मतदान की सुविधा रहेगी। इसमें सदस्य ई-वोटिंग भी कर सकेंगे, लेकिन संभावित तकनीकी गड़बड़ी को ध्यान में रखते हुए मतपत्र का विकल्प भी उपलब्ध रहेगा। यहां ई-वोटिंग करा रही एजेंसी सीडीएसएल के प्रतिनिधि कंप्यूटर-लैपटॉप के साथ मौजूद रहेंगे।

Posted By: Jagran

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