जागरण संवाददाता, जमशेदपुर : चिकित्सकों की मनमानी जारी है। परसुडीह स्थित सदर अस्पताल में यह बड़ी समस्या बन गई है। इसे लेकर जिला स्वास्थ्य विभाग भी चिंतित है। बार-बार चेतावनी दिए जाने के बाद भी ये चिकित्सक सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि शोकॉज नोटिस जारी करने के बाद भी ये चिकित्सक समय पर ड्यूटी नहीं आते और अगर आते भी तो समय से पूर्व ही निकल जाते हैं।

21 अक्टूबर को सिविल सर्जन डॉ. एके लाल ने सदर अस्पताल का निरीक्षण किया था। इस दौरान दो चिकित्सक व एक कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए थे। सिविल सर्जन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए शोकॉज नोटिस जारी किया है और 24 घंटे के अंदर जवाब तलब किया है। इसमें नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. विवेक केड़िया, चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. निकिता गुप्ता, नेत्र सहायक राम प्रवेश मंडल शामिल हैं। सदर अस्पताल चिकित्सकों का मनमाना रवैया बड़ी समस्या बन गई है। इससे मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। सदर अस्पताल में ओपीडी का समय सुबह नौ बजे से दोपहर तीन बजे तक रहता है लेकिन चिकित्सक शायद ही समय पर पहुंच पाते हैं। देर से आते और समय से पूर्व चले जाते हैं। यह कोई एक दिन की बार नहीं है। रोजाना इस तरह की समस्या से मरीजों को दो-चार होना पड़ रहा है।

हो सकती है सख्त कार्रवाई

दो दिन पूर्व यानी गुरुवार ही चर्म रोग विशेषज्ञ को शोकॉज किया गया है। सिविल सर्जन ने निरीक्षण में गायब पाया था। शनिवार को लगभग ढ़ाई बजे फिर से चर्म रोग विशेषज्ञ अपने ओपीडी से गायब मिली। इधर, मरीज इलाज के लिए इंतजार कर रहे हैं। वे डॉक्टर साहब का इंतजार कर रहे थे लेकिन डॉक्टर नहीं आई। चर्म रोग ओपीडी में डॉ. निकिता गुप्ता की ड्यूटी था।

Edited By: Rakesh Ranjan