अमित तिवारी, जमशेदपुर। लौहनगरी की लड़कियों के हाव-भाव व कद-काठी तेजी से बदल रहा है। चेहरे पर बाल उग आना तो आम बात बन चुकी हैं। महात्मा गांधी मेमोरियल (एमजीएम) मेडिकल कॉलेज की लेक्चरर और महिला एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. वनिता सहाय ने 16 से 30 वर्ष की 100 लड़कियों पर अध्ययन किया है। इसमें कई चौंकाने वाली बातें सामने आई हैं। पाया गया है कि युवतियों का शारीरिक विकास लड़कों की तरह हो रहा है। चेहरे पर बाल उगने की समस्या सबसे अधिक पाई गई है। लड़कियों के हाथ भी लड़कों की तरह सख्त हो रहे हैं और इसे चलाने का तरीका भी।

शोध में 29 फीसद लड़कियां पॉलीसिस्टम ओवरी डिजीज (पीसीओडी) से ग्रस्त पाई गईं हैं। वह अत्याधिक तनाव, बदलती जीवनशैली के कारण मेटाबॉलिक सिंड्रोम से भी ग्रसित हो रही हैं। इस कारण हार्मोन में असंतुलन पैदा हो रहा है। मेल हार्मोन (एंड्रोजेनिक) की मात्र बढ़ने से शरीर का विकास लड़कों की तरह हो रहा है। उनकी बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआइ) लड़कों के बराबर पाया गया है। पीसीओडी से ग्रस्त मिलीं लड़कियों के चेहते, पेट, छाती, पीठ, अंगुठों और अंगुलियों पर बाल बढ़ जाते हैं। इसके साथ ही लड़कियां मोटापा की शिकार हो रहीं हैं।

बढ़ रहा बांझपन का मामला

बढ़ रही पॉलीसिस्टिक ओवरी का मुख्य कारण बदलती जीवनशैली है। वहीं कुछ हद तक इसे अनुवांशिक भी माना जाता है। इसमें मासिक धर्म असंतुलित होने के साथ शारीरिक विकास गड़बड़ाने लगता है। एस्ट्रोजन हार्मोन बढ़ जाता है। प्रोजेस्ट्रोन हार्मोन कम होने लगता है। इन युवतियों में मधुमेह व हृदय रोग होने की आशंका बढ़ जाती है। समय पर इलाज नहीं कराने पर युवतियों को बांझपन की समस्या हो सकती है।

तनाव व फास्ट फूड की वजह से बढ़ती जा रही बीमारी

अध्ययन के दौरान युवतियों से उनकी दिनचर्या और खानपान की भी जानकारी ली गई। इसमें सामने आया कि युवतियां पढ़ाई और करियर को लेकर अत्यधिक तनाव ले रही हैं। फास्ट फूड का अधिक सेवन कर रही हैं। खाने का समय तय नहीं है। इसके चलते काबरेहाइड्रेड व फैट की मात्र शरीर में अधिक पहुंच रही है। इससे वे मेटाबॉलिक सिंड्रोम की शिकार हो रही हैं।

ये हैं पीसीओडी के लक्षण

-चेहरे, छाती, पेट, पीठ, अंगुठों और उंगलियों पर बालों का बढ़ना

-वजन बढ़ना या मोटापा, कमर के आसपास अतिरिक्त चर्बी होना

-सिर के बालों का लगातार झड़ना या पतला हो जाना। कभी-कभी मासिक चक्र बहुत ज्यादा या कम होना।

-बेचैनी अथवा तनाव तथा गर्भधारण में असमर्थता

-16 से 30 साल की युवतियों में तेजी से बढ़ रही यह बीमारी

चौंकाने वाली है रिपोर्ट 

शहर में पीसीओडी तेजी से पांव पसार रहा है। रिपोर्ट चौंकाने वाली है। यह समाज के लिए चिंता का विषय है। इसके प्रति लोगों को जागरूक होने की जरूरत है। खासकर युवतियों को।

-डॉ. वनिता सहाय, स्त्री रोग विशेषज्ञ।

Posted By: Sachin Mishra

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