जमशेदपुर, मुजतबा हैदर रिजवी।  एनएच-33 पर गाडिय़ों को सरपट दौड़ाने के लिए तमाम कोशिशें रफ्तार नहीं पकड़ पा रही हैं। प्रदेश सरकार और झारखंड हाई कोर्ट की हरसंभव पहल के बाद सड़क को सुधारने के लिए हरी झंडी तो मिल गई है किंतु बाधाएं जब-तब सामने आ जा रही हैं। नई परेशानी सड़क के दोनों किनारे बनने वाले नाले को लेकर है। अगर वक्त रहते नाले का निर्माण नहीं हुआ तो सड़क बर्बाद होगी।   

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) ने जमशेदपुर में बरसात के पहले एनएच-33 के दोनों तरफ पक्का नाला निर्माण कर देने का निर्देश गुजरात की कंपनी आयरन ट्रायंगल को दिया था। अतिक्रमण नहीं हटने और बिजली के 618 पोल की वजह से कंपनी नाला नहीं बन पाया है। नाले का निर्माण कार्य काफी सुस्त है। अभी एनएच के एक ही तरफ तीन महीने में महज 400 मीटर नाला खोदा गया है। सड़क के दूसरी तरफ नाला की खोदाई का भी काम शुरू नहीं हो पाया है। इससे पानी सड़क पर बहेगा। हर साल की तरह बरसात में सड़क बर्बाद होगी क्योंकि, दलमा रेंज के पहाड़ का सारा पानी एनएच पर ही आता है। 

छह माह से अधिक लग सकता समय

काम की धीमी रफ्तार की वजह से निर्माण पूरा होने में छह महीने से अधिक लग सकते हैं। चिलगू से महुलिया तक एनएच-33 के चौड़ीकरण का काम आयरन ट्रायंगल को मिला है। एनएचएआइ ने कंपनी को जमशेदपुर में बरसात से पहले नाला निर्माण का निर्देश दिया था। पर्याप्त समय के बावजूद अतिक्रमण नहीं हट पाने से नाला निर्माण की रफ्तार तेज नहीं हो पाई है। शहर में रोड नंबर 15 संपर्क सड़क तिराहे के करीब तकरीबन 250 मीटर और बिग बाजार के पास 150 मीटर लंबा नाला खोदा गया है। तिराहे के पास नाले के फर्श को पक्का करने का काम भी शुरू किया गया है। रिपीट कॉलोनी के पास नाला खोदने के लिए सतह तैयार करने का काम चल रहा है। शहर में बरसात में पहाड़ से आने वाले पानी की निकासी के लिए डिमना से पारडीह तक दोनों तरफ डेढ़-डेढ़ मीटर चौड़ा साढ़े नौ किलोमीटर लंबा नाला बनेगा।  

अतिक्रमण नहीं हटा रहा नगर निगम 

नाला निर्माण शुरू होने से पहले मानगो नगर निगम को अतिक्रमण हटाना था। लेकिन, ऐसा नहीं हो सका है। एनएचएआइ मानगो नगर निगम को अतिक्रमण हटाने के लिए पांच बार पत्र लिख चुकी है। मगर, मानगो नगर निगम के कान पर जूं नहीं रेंग रही है।  

तैयार हो रहा पोल का एस्टीमेट 

नाला निर्माण में बिजली के 600 पोल बाधक बने हुए हैं। एनएचएआइ झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड को बिजली के पोल हटाने के लिए कई बार पत्र लिख चुका है। अब बिजली विभाग पोल हटाने का एस्टीमेट तैयार कर रहा है। एस्टीमेट तैयार होने के बाद फंड मिलने पर पोल हटाने की प्रक्रिया शुरू होगी। इसमें तीन महीने लग सकते हैं। 

आसपास की बस्तियों में भरेगा पानी 

नाला निर्माण नहीं हो पाने का खामियाजा इस बार भी आसपास की बस्तियां झेलेंगी। इन बस्तियों में हर साल की तरह जल भराव हो जाएगा। घरों में पानी भर जाएगा और लोगों की परेशानी बढ़ेगी। 

बरसात से पहले था नाला निर्माण पूरा करने का निर्देश

  • एनएच के नाला निर्माण में रोड़ा बने हैं अतिक्रमण व बिजली के 618 पोल
  • 9.50 किलोमीटर लंबा नाला दोनों तरफ बनेगा 
  •  1.50 मीटर चौड़ा होगा दोनों तरफ बनना है नाला 
  •  5 बार मानगो नगर निगम को पत्र लिखने के बाद भी नहीं हटाया गया अतिक्रमण 
  • 700 लोगों की आठ साल में एनएच पर जा चुकी है जान 
  • 352 किलोमीटर लंबा एनएच 33 बरही से हजारीबाग, रांची, रणगांव, जमशेदपुर, महुलिया होते हुए बहरागोड़ा में बंगाल सीमा के करीब एनएच छह में मिलता है
  • 163.500 किलोमीटर लंबे खंड के चौड़ीकरण (फोरलेनिंग) का काम चार दिसंबर 2012 को रांची से रणगांव होते हुए जमशेदपुर के थोड़ा आगे महुलिया तक हुआ था शुरू 
  • 15 दिसंबर 2012 एनएच के चौड़ीकरण का काम खत्म होना था, कई बार झारखंड हाई कोर्ट ने निर्माण को लेकर कर किया हस्तक्षेप, इसके बाद काम हुआ शुरू 

 

Posted By: Rakesh Ranjan

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