जमशेदपुर (जागरण संवाददाता)। यूरेनियम कारपोरेशन ऑफ इंडिया (यूसिल) के लिए जमीन अधिग्रहण के बदले रैयतों को नौकरी दिए जाने की मांग ने एक बार फिर तूल पकड़ लिया है।

सुंदरनगर थाना अंतर्गत बांदुहुडांग ओपेन कास्ट माइंस परियोजना के अंतर्गत आने वाले सात गांव के सैकड़ों ग्रामीणों ने बुधवार को संयुक्त ग्राम सभा धोडांगा के अध्यक्ष विक्रम टुडू के नेतृत्व में स्थायी नौकरी समेत अन्य मांगों को लेकर धोडांगा पारंपरिक हथियार के साथ प्रदर्शन कर विरोध दर्ज किया। विक्रम ने कहां कि 15 वर्ष पूर्व यूसिल ने माइंस के लिए ग्रामीणों का रैयती जमीन अधिग्रहण किया था। उस समय कंपनी प्रबंधन से सभी विस्थापितों को स्थायी नौकरी देने की बात कही थी मगर 15 वर्ष बीतने के बाद भी कई विस्थापित अस्थाई कर्मचारी के रुप में कार्यरत है।

उन्होंने बांदुहुडांग माइंस का डंपिंग यार्ड से यूरेनियम ओर ग्रामीणों के घरों में प्रवेश कर रहा है। इससे गांव की महिलाओं से लेकर बच्चे भय के साये में रहने को मजबूर है। उपायुक्त से लेकर यूसिल प्रबंधन से शिकायत की गयी है मगर सभी चुप्पी साधे हुए है। उन्होंने कहां कि यूसिल के नकारात्मक रवैये को देखते हुए ग्राम सभा अब ठोस कदम उठाने को मजबूर है। अगर होली तक बात नही बनी तो ग्रामीण यूसिल का कार्य ठप करने को मजबूर होंगे। जरुरत पड़ी तो ग्रामीण राजभवन पर भी धरना देने से नही चूकेंगे। गांव की महिला सीता सोरेन ने कहा कि यूसिल प्रबंधन अपने मन की कर रहा है।

गांव के बड़े-बड़े पेड़ पौधों को यूरेनियम ओर से ढककर नष्ट किया जा रहा है। यूसिल के रवैये से सात गांव के करीब पांच हजार आबादी प्रभावित है। पर्यावरण संरक्षण की खुलेआम धज्जियां उड़ायी जा रही हैं। ग्रामीणों के समर्थन में झामुमो जमशेदपुर प्रखंड कमेटी के अध्यक्ष बहादुर किस्कू भी गांव पहुंचे और समस्याओं से अवगत हुए। प्रदर्शन के दौरान ग्राम सभा के सचिव भागमत मार्डी, किशन मुर्मू, अलहा हांसदा, राउत सोरेन, चंपाई हांसदा, झानू मुर्मू, सुनीता हेम्ब्रम समेत काफी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।  ग्रामीणों ने पारंपरिक हथियार के साथ किया प्रदर्शन

 

Posted By: Vikas Srivastava

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