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150 फीट गहरी खदान में जोरदार धमाके: सरायकेला में हेवी ब्लास्टिंग से ग्रामीणों में दहशत, 80 से ज्यादा मकान क्षतिग्रस्त

Published: Wed, 07 Oct 2026 08:46 PM (IST)

राज नगर के मिडकी गांव में एक स्टोन क्रेशर खदान में हो रही भारी ब्लास्टिंग से ग्रामीणों में दहशत है। ...और पढ़ें

पोटका पंचायत की उपमुखिया सुकूरमनी तियु के नेतृत्व में कमरबासा के ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री सचिवालय में हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन सौंपा है।

पोटका पंचायत की उपमुखिया सुकूरमनी तियु के नेतृत्व में कमरबासा के ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री सचिवालय में हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन सौंपा है।

HighLights

  1. राज नगर में स्टोन क्रेशर की भारी ब्लास्टिंग से दहशत।

  2. तीन साल से विस्फोटों से 80 से अधिक घरों में दरारें।

  3. ग्रामीणों ने सीएम सचिवालय में जांच और मुआवजे की मांग की।

संवाद सूत्र, राजनगर। सरायकेला-खरसावां जिले के राजनगर अंचल अंतर्गत कटंगा पंचायत के मिडकी गांव में स्थित एक स्टोन क्रेशर खदान में कथित तौर पर लगातार हो रही हेवी ब्लास्टिंग से आसपास के इलाकों में दहशत व्याप्त है। 
 
ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले तीन वर्षों से खदान में किए जा रहे तीव्र विस्फोटों के कारण कमरबासा और आसपास के गांवों में 80 से अधिक मकानों की दीवारों में दरारें आ चुकी हैं।
 

सीएम सचिवालय में सौंपा ज्ञापन, जांच और मुआवजे की मांग 

पोटका पंचायत की उपमुखिया सुकूरमनी तियु के नेतृत्व में कमरबासा के ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री सचिवालय में हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन सौंपा है।
 
ग्रामीणों ने खदान में हेवी ब्लास्टिंग पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने, निष्पक्ष जांच कराने और क्षतिग्रस्त मकानों का तकनीकी सर्वे कराकर उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है।
 

150 से 200 फीट गहरी खदान, रात में भी धमाके 

ग्रामीणों के अनुसार, खनन के कारण खदान लगभग 150 से 200 फीट तक गहरी हो चुकी है। विस्फोटों के दौरान आसपास के इलाकों में तेज कंपन होता है। 
 
हाल में हुई बारिश के दौरान कई कमजोर दीवारें अचानक गिर गईं, हालांकि गनीमत रही कि कोई बड़ी जनहानि नहीं हुई। 
 
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि आबादी के बेहद पास स्थित इस खदान में कई बार रात के अंधेरे में भी धमाके किए जाते हैं, जिससे बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं में डर का माहौल है।
 

सुरक्षा मानकों की जांच की गुहार 

ज्ञापन के माध्यम से ग्रामीणों ने मांग की है कि संबंधित विभाग के अधिकारी स्थल निरीक्षण कर ब्लास्टिंग की वैधता, विस्फोट प्रक्रिया और सुरक्षा मानकों के पालन की जांच करें। साथ ही क्रेशर संचालक से प्रभावित परिवारों को निष्पक्ष आकलन के आधार पर क्षतिपूर्ति दिलाई जाए।
 
ज्ञापन सौंपने वालों में मुख्य रूप से श्रीराम तियु, विनोद लोहार, राम हेम्ब्रम, कृष्ण सोरेन, धनंजय तांती, संजय लोहार, बनेश्वर तांती, लक्ष्मी लोहार, शिवानी सोरेन और हीरा मुनी सोरेन समेत कई ग्रामीण शामिल थे।