जमशेदपुर, जागरण संवाददाता। बर्मामाइंस स्थित लांगटॉम बस्ती के मामले में जमानत पर रिहा हुए भाजमो नेताओं को विधायक सरयू राय ने सम्मानित किया। बारीडीह स्थित विधानसभा कार्यालय में हुई बैठक में राय ने कहा कि हमारे कार्यकर्ताओं को जनहित के कार्यों के लिए जेल की यात्रा करनी पड़ी जो उनके लिए प्रशिक्षण की तरह था। जो भी मुकदमे इन पर नामित थे, वे जनहित के विरुद्ध गलत उद्देश्य से किए गए कार्यों का प्रतिकार करने के कारण हुआ था। कुछ वर्चस्ववादी नेताओं द्वारा सरकारी संपत्ति पर अवैध रूप से अपना नामकरण कर दिया गया था, जिसकी कोई सरकारी अधिसूचना नहीं है।

कार्यकर्ताओं ने अपने कर्तव्य का निर्वाह किया। प्रशासन को यह स्पष्ट करना चाहिए कि इन्होंने कौन सा अपराध किया था। जिन लोगों ने एक नगर को अपने नाम पर नामकरण किया था, क्या उनपर कभी कार्रवाई होगी। यह सम्मान उन्हें यह आभास कराएगा और वे सिर उठाकर शान से चलेंगे। इसके साथ ही दुर्गापूजा के त्योहार की समीक्षा की गई। समीक्षा में यह बात खुलकर सामने आई कि प्रशासन द्वारा विधि-व्यवस्था संधारण में दोहरा रवैया अख्तियार किया गया। प्रशासन की जो कार्यशैली रही, उसमें विरोधाभास था और उससे हम संतुष्ट नहीं हैं। प्रशासन सरकार की गाइडलाइंस का पालन कराने में पूरी तरह विफल रहा। प्रशासन के अधिकारियों द्वारा सरकार के आदेश को पारित कराने में पक्षपात किया गया, जिससे जनभावना को ठेस पहुंची है।

बैठक में इनकी रही मौजूदगी

भाजमो के जिलाध्यक्ष सुबोध श्रीवास्तव के नेतृत्व में हुई बैठक में जिन कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया गया, उसमें दुर्गा राव, गोल्डी सिंह, रंजीत कुमार, कमल किशोर, नागेंद्र सिंह, नवीन व विवेक शर्मा शामिल थे। इस दौरान भाजमो के पूर्वी विधानसभा संयोजक अजय सिन्हा, जिला महामंत्री कुलविंदर सिंह पन्नु, मनोज सिंह उज्जैन, उपाध्यक्ष भास्कर मुखी, वंदना नामता, मंत्री विकास गुप्ता, राजेश कुमार झा, कोषाध्यक्ष धर्मेंद्र प्रसाद, आकाश शाह, पी विजय राव, शंकर कर्माकर, महिला मोर्चा अध्यक्ष मंजू सिंह, अल्पसंख्यक मोर्चा अध्यक्ष जोगिंदर सिंह जोगी आदि उपस्थित थे।

Edited By: Rakesh Ranjan