जासं, जमशेदपुर : लोकनायक जयप्रकाश नारायण की जयंती शुक्रवार को धूमधाम से मनाई गई। झारखंड सरकार के खाद्य आपूर्ति मंत्री सरयू राय ने सुबह करीब 10.30 बजे मानगो पुल के पास जेपी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। समारोह में एके श्रीवास्तव समेत कायस्थ समाज के कई लोग शामिल थे।

दोपहर करीब दो बजे झारखंड सरकार के पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता समर्थकों के साथ यहां पहुंचे तो जेपी प्रतिमा के बाहर लगे ग्रिल का गेट बंद था। बन्ना गेट फांदकर अंदर गए और जेपी को श्रद्धासुमन अर्पित किया। वे जेपी प्रतिमा की देखभाल करने वालों पर नाराज हुए। उन्होंने शनिवार को इसकी शिकायत उपायुक्त से करने की बात कही। बन्ना का कहना है कि गेट बंद होने की वजह से कई लोग जेपी को श्रद्धासुमन अर्पित नहीं कर सके।

मानगो पुल के पास जेपी प्रतिमा की देखभाल कर रही अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के सदस्यों ने कहा कि बन्ना गुप्ता फोन कर देते तो गेट खोल देते। किसी ने सूचना नहीं दी, इसलिए उन्हें ऐसी स्थिति का सामना करना पड़ा। महासभा के राष्ट्रीय सचिव सुबोध श्रीवास्तव ने कहा कि परिसर का गेट इसलिए बंद रखा जाता है, ताकि वहां कुत्ते-बकरी ना घुस जाएं। कोई असामाजिक तत्व प्रतिमा को नुकसान भी पहुंचा सकता है। आठ अक्टूबर को हमने वहां जेपी की पुण्यतिथि मनाई थी। उसमें तो बन्ना गुप्ता नहीं आए थे। यदि जेपी के प्रति उनके मन में सच्ची श्रद्धा है, तो अपने घर पर भी फोटो रखकर जयंती मना सकते थे। वैसे भी दोपहर 12 बजे के बाद किसी महापुरुष की जयंती या पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि नहीं दी जाती है।

Posted By: Jagran

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