जागरण संवाददाता, जमशेदपुर : साहित्य अकादमी ने बुधवार को 24 भाषाओं में अपने वार्षिक साहित्य अकादमी पुरस्कारों की घोषणा कर दी। इसमें संताली के लिए गोविंद चंद्र माझी को साहित्य अकादमी पुरस्कार से नवाजा गया है। गोविंद चंद्र माझी को संताली कविता संग्रह 'नालहा' के लिए यह पुरस्कार दिया गया है। मूल रूप से ओडिशा के बहलदा (मयूरभंज) निवासी गोविंद चंद्र माझी सिंडिकेट बैंक के सीनियर मैनेजर पद से सेवानिवृत्त हुए हैं और पुस्तक लेखन समेत संताली सिनेमा में भी सक्रिय रहे हैं। प्रथम संताली वीडियो फिल्म बापला से भी माझी जुड़े रहे हैं तो जोलोन नामक फीचर फिल्म में भी उन्होंने सक्रिय भूमिका अदा की थी। वर्तमान में माझी ऑल इंडिया संताली राइटर्स एसोसिएशन के उपाध्यक्ष हैं।

गोविंद चंद्र माझी कहते हैं कि वे भविष्य में भी 'नालहा' की ही तरह समाज के सरोकारों से जुड़ी रचनाएं लिख कर साहित्य जगत को समर्पित कर सामाजिक बदलवा के माध्यम बने रहेंगे। नालहा का शाब्दिक अर्थ नौकरी है। यह कविता संग्रह 2014 में प्रकाशित हुई थी। गोविंद चंद्र माझी ऑल इंडिया संताली राइटर्स एसोसिएशन के संस्थापक सदस्य होने के साथ-साथ हाल ही में जमशेदपुर स्थित सिदगोड़ा टाउन हॉल में सम्मानित भी किये जा चुके हैं। ऑल इंडिया संताली राइटर्स एसोसिएशन की ओर से सिदगोड़ा टाउन हॉल में गोविंद चंद्र माझी को 22 अक्टूबर को ही 'नालहा' कविता संग्रह के लिए ही साधु रामचंद्र मुर्मू अवार्ड से नवाजा गया था। ओडिशा के झारखंड सीमा (जमशेदपुर) से सटे बहलदा निवासी गोविंद चंद्र माझी फिलहाल बारीपदा स्थित रामचंद्रपुर के वार्ड नंबर 71 में परिवार के साथ रह रहे हैं। 17 मई 1956 में जन्में माझी लंबे समय से संताली साहित्य के क्षेत्र में सक्रिय हैं।

उन्होंने बहलदा के सरकारी स्कूल से मैट्रिक करने के बाद बीजेबी कॉलेज भुवनेश्वर से बीए की पढ़ाई की तो कटक स्थित मधुसूदन लॉ कॉलेज से एलएलबी की पढ़ाई की। पिता भीलू सोरेन व मं आरसू सोरेन के घर जन्में गोविंदचंद्र माझी की नालहा कविता संग्रह के अलावा 'मिद टिडाग् सिंदूर' किताब प्रकाशित हो चुकी है। इसके अलावा हंस हंसली, सागेन साकाम, नावा सागेन साकाम, सोबोनाखा, जाहेरगाढ़, काराम सिरम, सरी सारजोम, मांतार, सोंध्यानी, सावता आड़ांग सरीखे लेख प्रकाशित हो चुके हैं। फिलहाल वे ऑल इंडिया संताली राइटर्स एसोसिएशन के ओडिशा प्रदेश अध्यक्ष हैं। साहित्य अकादमी अवार्ड से पूर्व गोविंद चंद्र माझी को दलित साहित्य अकादमी अवार्ड भी मिल चुका है तो बीबीआर अंबेडकर फलोशिप से भी वे नवाजे जा चुके हैं।