मनोज सिंह, जमशेदपुर : गर्मी के मौसम में लौहनगरी में ताड़ के फल की बिक्री जोर पकड़ लेती है। ताड़ का फल शरीर के लिए लाभदायक तो होता ही है, यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ाता है।

हाल के दिनों में बिहार के गया जिले से आए युवकों की टोली शहर में ठेला पर घूम-घूमकर ताड़ के फल बेच रही है। साकची में एमजीएम अस्पताल के पास तथा हाथी-घोड़ा मंदिर के पास भी बड़े पैमाने पर ताड़ का फल बेचे जा रहे हैं। ताड़ के एक फल में तीन कोवा होते हैं, जो 10 रुपये में बेचे जाते हैं।

एमजीएम अस्पताल के पास ताड़ के फल की बिक्री करने वाले शंकर चौधरी ने अपने गांव से दो लोगों को फल काटने के लिए खास तौर पर बुलाया है। पांच साल से एमजीएम अस्पताल के पास ताड़ का फल बिक्री करने वाले शंकर चौधरी कहते हैं साल में दो माह तक यह नकदी का धंधा है। उनके मुताबिक इसमें मेहनत बहुत है। ताड़ के फल लाने के लिए वह सुबह से निकल जाते हैं, गालूडीह, चांडिल नदी के किनारे बसे गांवों में घूमते हैं, तब ताड़ मिलता है।

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ताड़ का तारकुन खाने से फायदे ही फायदे

शंकर चौधरी व उनकी पत्नी कहती हैं कि ताड़ का फल यानी तारकुन को खाने से कई बीमारी अपने आप दूर हो जाते हैं। यह फल रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ा देता है। शंकर कहते हैं कि इस फल का उपयोग ग्रामीण क्षेत्रों में ताकत के लिए भी करते हैं। जब ग्रामीण खेत में परिश्रम करते हैं तब ताड़ का फल खाते हैं। फल खाकर मजदूर कड़ी धूप में भी खेतों में काम करते हैं।

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क्या कहते हैं लोग

ताड़ का फल खरीदने के लिए मैं प्रतिदिन एमजीएम अस्पताल के निकट आता हूं। मेरे घर में सभी लोग बड़े ही चाव से यह फल खाते हैं। यही कारण है कि मैं कदमा से फल लेने के लिए यहां आया।

- भोला कुमार, कदमा

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ताड़ का फल हमारे घर में सभी खाते हैं। इस फल को खाने से पेट ठंडा रहता है। किसी तरह की बीमारी नहीं होती। यही कारण है कि गर्मी के दिनों में जब भी ताड़ का फल बिकता है, मैं और मेरे परिवार के लोग इसे नियमित खाते हैं।

- राजेंद्र लाल, मानगो

Posted By: Jagran

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