जमशेदपुर, जेएनएन। आपको अगर चलने-फिरने, व्यायाम करने, सीढ़ी चढ़ने से छाती में दर्द होता है और सांस फूलने लगता है तो समझे यह दिल की बीमारी के लक्षण हैं। पसीना आना भी दिल की बीमारी का सामान्य लक्षण है। दिल के दौरे के दौरान सीने में बहुत तेज दर्ज उठता है और दर्द छाती के बिल्कुल बीच भाग के ठीक नीचे से शुरू होकर आसपास के हिस्सों में फैल जाता है। कुछ लोगों को यह दर्द छाती के दोनों तरफ तो कुछ को बाईं तरफ ज्यादा फैलता है। यह दर्द हाथों, अंगुलियों, कंधों गर्दन, जबड़े और पीठ तक पहुंच जाता है। आप इन घरेलू उपायों से हृदय रोग पर काबू पा सकते हैं। 

ये रहे नुख्से

  • पीपल के कोमल पत्तों में दो कोपलों का रस छह ग्राम से  दस ग्राम तक निकाल लें। इसमें शहद मिलाकर पीने से पीड़ा मिट जाती है तथा हृदय ताकतवर बनता है।
  • हृदय रोग के कारण अंगों में सूजन हो गई हो तो पुनर्नवा के मूल का दस  ग्राम चूर्ण और अर्जुन के छाल का एक ग्राम चूर्ण 200 मिलीलीटर. पानी में काढ़ा बनाकर सुबह-शाम पीयें।
  • उच्च रक्तचाप वाले व्यक्ति को तरबूज रस में सेंधा नमक व काली मिर्च डालकर देना लाभप्रद रहता है। इसे हृदय रोग काबू में रहता है। 
  • एक ग्राम सूखा धनिया, एक ग्राम सर्पगंधा, दो ग्राम मिश्री में पीसकर ताजे पानी के साथ खाने से उच्च रक्तचाप घट जाता है। हृदय रोग से भी छुटकारा मिलता है। 
  • 150 ग्राम पानी में 32 किशमिश भिगो दें। बारह घंटे भीगने के बाद सुबह एकएक किशमिश को आधा मिनट तक खूब चबा-चबाकर खायें। निम्न रक्तचाप के साथ हृदय रोग में लाभ होता है।
  • अदरक का चूर्ण शहद में मिलाकर खाने से हृदय की शक्ति बढ़ती है।  
  • रात में गाजर को भूनकर छील लें तथा खुले में रख दें। सुबह इसमें शक्कर और गुलाब जल मिलाकर खाने से हृदय की धड़कन में लाभ होगा।
  • छह ग्राम मेथीदाना लेकर उसको पीस लें इसमें शहद मिलाकर सेवन करने से हृदय की पीड़ा, जलन और घबराहट दूर होती है।

 

Posted By: Rakesh Ranjan

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